24 News Update जयपुर 6 अप्रैल। मरु पर्यावरण संरक्षण संस्थान (डेको), जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. एस.एल. हर्ष को पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 16वां परशुराम पर्यावरण पुरस्कार आगामी 19 अप्रैल को परशुराम जयंती के अवसर पर जोधपुर में प्रदान किया जाएगा।समारोह संयोजक एवं सर्व ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष डॉ. आनंद राज पुरोहित ने बताया कि डॉ. हर्ष पिछले 50 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत कार्यरत हैं। कार्यक्रम में न्यायाधिपति संजीव पुरोहित, आईएएस अधिकारी आशीष मिश्रा, विधायक देवेंद्र जोशी, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पुरोहित तथा चिकित्सक डॉ. नगेन्द्र शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।डॉ. हर्ष ने वर्ष 1978 से सुन्दरलाल बहुगुणा के साथ जुड़कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई। अब तक वे 5 लाख से अधिक पौधे रोपित कर चुके हैं। पिछले 30 वर्षों से वे जैविक खेती, मोरिंगा मिशन और अजोला मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में पर्यावरण जागरूकता का विस्तार कर रहे हैं।उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा महाराजा गजे सिंह सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें मारवाड़ रत्न, मारवाड़ गौरव, वीर दुर्गादास, लाइफटाइम अचीवमेंट सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है।डॉ. हर्ष ने पर्यावरण विषय पर 7 पुस्तकें, 1994 से डेको मिरर नामक द्विमासिक पत्रिका तथा 1000 से अधिक लेख प्रकाशित किए हैं। वे जलग्रहण, वर्मी कम्पोस्ट, सूक्ष्म जीव संवर्धन और वर्षा जल संचयन जैसी सरकारी परियोजनाओं से भी जुड़े रहे हैं तथा देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के सलाहकार के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में वे आईसीएफआरई, देहरादून की कार्यकारिणी के सदस्य भी रहे हैं।यह सम्मान उनके दीर्घकालीन समर्पण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अनुकरणीय योगदान का प्रतीक है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पुलिस का मानवीय चेहरा: जब जयपुर पुलिस की मुस्तैदी ने लौटाया दिल्ली के युवक का खोया बैग और चेहरे की मुस्कान कथा-कहन की सृजन यात्रा का समापन: कानोता में तीन दिवसीय हिंदी नेस्ट कार्यशाला रही यादगार