24 New sUpdate लंदन / मुंबई। हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन और ब्रिटेन के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शुमार गोपीचंद पी. हिंदुजा का सोमवार को लंदन में निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और पिछले कई हफ्तों से अस्वस्थ चल रहे थे। गोपीचंद, जिन्हें व्यावसायिक जगत में जीपी हिंदुजा के नाम से जाना जाता था, ने 2023 में अपने बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा के निधन के बाद ग्रुप की बागडोर संभाली थी।
1940 में सिंध (अब पाकिस्तान) के एक सिंधी व्यापारी परिवार में जन्मे गोपीचंद हिंदुजा का बचपन मुंबई में बीता। उन्होंने जय हिंद कॉलेज से 1959 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और आगे चलकर वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ लॉ तथा रिचमंड कॉलेज, लंदन से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ इकोनॉमिक्स की उपाधि से सम्मानित हुए।
1959 में पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ने के बाद उन्होंने हिंदुजा ग्रुप को एक इंडो-मिडिल ईस्ट ट्रेडिंग कंपनी से बदलकर बैंकिंग, फाइनेंस, एनर्जी, ऑटोमोटिव और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में फैले एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल पावरहाउस में परिवर्तित किया। उनकी नेतृत्व में ग्रुप ने 1984 में गल्फ ऑयल और 1987 में अशोक लेलैंड का अधिग्रहण किया।
हिंदुजा परिवार का व्यवसाय आज 38 देशों में प्रत्यक्ष उपस्थिति रखता है और इसकी गतिविधियां 100 से अधिक देशों में फैली हैं। करीब दो लाख लोग हिंदुजा ग्रुप से जुड़े हैं। प्रमुख कंपनियों में अशोक लेलैंड, गल्फ ऑयल, इंडसइंड बैंक, हिंदुजा टीएमटी और इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशंस शामिल हैं।
ग्रुप का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो भी प्रभावशाली है — लंदन की ऐतिहासिक ओल्ड वॉर ऑफिस बिल्डिंग को उन्होंने लक्ज़री रैफल्स लंदन होटल में तब्दील किया। इसके अलावा बकिंघम पैलेस के निकट स्थित कार्लटन हाउस टेरेस में 25-बेडरूम वाला उनका आलीशान आवास ब्रिटिश प्रेस्टीज का प्रतीक है।
गोपीचंद हिंदुजा अपने पीछे परिवार में पत्नी, दो बेटे संजय और धीरज, एक बेटी रीता, तथा भाइयों प्रकाश (मोनाको) और अशोक (मुंबई) को छोड़ गए हैं।
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