24 News Update जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा है कि पंजाब की फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी राजस्थान के गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों तक पहुंच रहा है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की बड़ी वजह बन सकता है। उन्होंने इस संबंध में पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर चिंता भी जताई है।
राज्यपाल बागड़े भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल में आयोजित 23वें कैंसर सर्वाइवर्स डे कार्यक्रम में महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सी. पी. राधाकृष्णन भी मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में कहा कि कैंसर से बचाव के लिए समय पर जांच (अर्ली डिटेक्शन) सबसे महत्वपूर्ण है। समय रहते बीमारी का पता चलने पर उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार कैंसर उपचार को लेकर गंभीर है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि देशभर में 450 से अधिक डे-केयर सेंटर संचालित हो रहे हैं और एंटी कैंसर दवाओं को आयुष्मान आरोग्य योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे आमजन को राहत मिलेगी। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए फरवरी से टीकाकरण कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जो भविष्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।
राज्यपाल बागड़े ने कहा कि अब आधुनिक तकनीकों और बेहतर इलाज के चलते कैंसर पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। जैसे टीबी मुक्त राजस्थान का लक्ष्य तय किया गया है, उसी तरह कैंसर मुक्त राजस्थान का लक्ष्य भी निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने शुद्ध पानी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि दूषित पानी कैंसर का बड़ा कारण बन सकता है।
कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 35 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। प्रदेश में 60 हजार मेडिकल नियुक्तियों की घोषणा की गई है, जिनमें से 25 हजार पदों पर नियुक्ति हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि केंद्र की योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 68 लाख से अधिक मरीजों को 13 हजार करोड़ रुपए का लाभ मिला है। वहीं नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कैंसर स्क्रीनिंग के लिए नियमित सर्वे भी किए जा रहे हैं।

