Site icon 24 News Update

सरकारी तोता फिर फंसा : कोर्ट ने कहा—सीबीआई ने की साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश, दिल्ली शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया सहित 23 आरोपी बरी

Advertisements

24 News Update नई दिल्ली। दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को सीबीआई केस में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका और जांच एजेंसी ने साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश की।
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आबकारी नीति के निर्माण में किसी व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा का प्रमाण नहीं मिला। अदालत के अनुसार सीबीआई का पूरा मामला ठोस साक्ष्यों के बजाय अनुमान और विरोधाभासों पर आधारित था, इसलिए आरोप तय करने का आधार नहीं बनता।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में कई खामियां हैं और आरोप किसी गवाह या बयान से साबित नहीं होते। कोर्ट ने यह भी कहा कि केजरीवाल का नाम बिना किसी ठोस साक्ष्य के जोड़ा गया, जो कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है, खासकर तब जब मामला किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा हो।
कोर्ट ने मुख्य आरोपी बनाए गए कुलदीप सिंह को भी बरी करते हुए टिप्पणी की कि हैरानी की बात है कि उन्हें पहला आरोपी क्यों बनाया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई ठोस सामग्री सामने नहीं आई। वहीं, सिसोदिया पर शराब नीति बनाने और लागू करने में भूमिका का आरोप था, लेकिन अदालत ने कहा कि उनके शामिल होने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी हुई।
कोर्ट ने मामले की जांच को लेकर भी गंभीर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि एजेंसी ने साजिश का जो सिद्धांत पेश किया, वह मजबूत साक्ष्यों पर नहीं बल्कि अनुमान पर आधारित था।
फैसले के बाद कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी उन पर शराब घोटाले के आरोप लगा रही थी, लेकिन अदालत ने सभी आरोप खारिज कर दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा था और अंततः सत्य की जीत हुई है।
केजरीवाल ने कहा कि सत्ता के लिए उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की गई और पार्टी के प्रमुख नेताओं को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
वहीं, मनीष सिसोदिया ने फैसले के बाद कहा कि उन्हें भारतीय संविधान और उसके निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर गर्व है। उन्होंने कहा कि आखिरकार सच की जीत हुई है।

उधर, सीबीआई ने अदालत के फैसले से असहमति जताते हुए कहा कि जांच के कई पहलुओं को नजरअंदाज किया गया या उन पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। एजेंसी ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेगी।

फैसले के बाद घर पहुंचने पर केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल से गले मिलते हुए भावुक नजर आए। यह मामला पिछले कुछ वर्षों से देश की राजनीति में सबसे चर्चित मामलों में से एक रहा है, जिस पर अब ट्रायल कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है।

Exit mobile version