24 News Update उदयपुर। देशभर में मेडिकल शिक्षा संस्थानों के निरीक्षण और अनुमोदन में भ्रष्टाचार की आशंकाओं के बीच राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने नीट 2025 के लिए जारी अस्थायी सीट मैट्रिक्स में उदयपुर स्थित गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को एमबीबीएस की शून्य सीटें आवंटित की हैं। एनएमसी की सूची में देश के 9 प्रमुख मेडिकल कॉलेज ऐसे हैं जिन्हें इस बार एमबीबीएस कोर्स में एक भी सीट नहीं मिली है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यह सूची जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2025-26 के लिए कुल 775 मेडिकल कॉलेजों में 1,15,900 सीटें प्रस्तावित हैं, लेकिन इनमें से 9 संस्थानों को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
इन 9 संस्थानों में आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के निजी कॉलेज शामिल हैं। राजस्थान से एकमात्र नाम उदयपुर का गीतांजलि मेडिकल कॉलेज है। इस फैसले से न केवल संस्थान की साख को झटका लगा है बल्कि राज्य में मेडिकल सीटों की संख्या भी घट गई है। इस घटनाक्रम का गंभीर पक्ष यह है कि सीबीआई इस समय एनएमसी के निरीक्षण और मान्यता प्रक्रिया में कथित घोटाले की जांच कर रही है, जिसमें प्रॉक्सी फैकल्टी, फर्जी अनुपालन रिपोर्ट और रिश्वत जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। माना जा रहा है कि जिन कॉलेजों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनमें से कुछ की भूमिका इन जांचों में संदिग्ध रही है।
एनएमसी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि अब मेडिकल शिक्षा संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता और गुणवत्ता के मापदंडों से समझौता नहीं किया जाएगा। उदयपुर सहित प्रभावित कॉलेजों के छात्र, अभिभावक और स्थानीय प्रशासन अब यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मान्यता की शर्तों में क्या कमियां रह गईं जिनके कारण कॉलेज की सभी सीटें रद्द कर दी गईं।
नोट : यह समाचार विभिन्न ऑथेंटिक सोर्सेज से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इस बारे में जब हमने गीतांजलि समूह का पक्ष जानना चाहा और दूरभाष पर संपर्क किया तो कोई भी आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हुआ। आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर अगली खबर में दिया जा सकेगा।

