24 News Update तिरुवनंतपुरम (केरल)। केरल के तिरुवनंतपुरम में 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत सुसाइड नोट पोस्ट किया, जिसमें उसने बचपन में अपने साथ हुए यौन शोषण और इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया। इंजीनियर ने 9 अक्टूबर को फांसी लगाकर जान दी थी, जबकि मामला 12 अक्टूबर को तब चर्चा में आया जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की।
15 पेज के सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
इंजीनियर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 15 पेज का नोट पोस्ट किया, जिसमें लिखा— “मैं किसी से नाराज नहीं हूं, सिवाय एक व्यक्ति और एक संगठन के। वह संगठन RSS है, जिससे मेरे पिता ने मुझे जोड़ा था। जब मैं 3-4 साल का था, तब से एक व्यक्ति मेरे साथ यौन शोषण करता रहा। बाद में RSS कैंप में भी मेरे साथ ऐसा ही हुआ। मैं कई बच्चों को जानता हूं जिनके साथ यह सब हुआ।” नोट में उसने खुद को ओसीडी (Obsessive Compulsive Disorder) का मरीज बताया और लिखा कि यह बीमारी उसे बचपन के ट्रॉमा की वजह से हुई। उसने कहा कि उसके पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन “मेरा जीवन ही मेरा सबूत है।” उसने यह भी लिखा कि माता-पिता को बच्चों से खुलकर संवाद रखना चाहिए ताकि बच्चे ऐसी घटनाएं छिपाने के बजाय बता सकें।
लॉज के कमरे में मिला शव
युवक कोट्टायम जिले के थम्पलाकाड का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक, उसका शव तिरुवनंतपुरम के थम्पनूर इलाके स्थित एक लॉज के कमरे में फंदे से लटका मिला। लॉज कर्मियों ने कमरे का दरवाजा देर तक नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी थी।
पुलिस ने मौके से युवक का मोबाइल फोन और लिखित सामग्री जब्त की है। फिलहाल “अस्वाभाविक मृत्यु” का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
प्रियंका गांधी ने की जांच की मांग
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने X (पूर्व ट्विटर) पर इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि मृतक द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर और भयावह स्थिति है। उन्होंने कहा— “RSS को इस मामले पर तुरंत सफाई देनी चाहिए। लाखों बच्चे इन कैंपों में जाते हैं। लड़कों के साथ भी शोषण का दायरा उतना ही बड़ा है, जितना लड़कियों के साथ होता है। समाज को इन जघन्य अपराधों पर चुप्पी तोड़नी होगी।”
पुलिस जांच जारी, संगठन की प्रतिक्रिया का इंतजार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक के सुसाइड नोट की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है। साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट और कॉल डिटेल की भी जांच होगी। अब तक RSS या उससे जुड़े किसी पदाधिकारी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

