24 न्यूज अपडेट, सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। नगर के डूंगरपुर मार्ग पर स्थित पाडला हाडलिया गांव में समाज सुधार और विकास की गूंज। गांव के नारायणलाल, कांतिलाल, नगजी रोत, महेंद्र, हरजी, शंकरलाल, डूंगरलाल रोत, सूरजमल सहित अनेक महिला-पुरुषों की उपस्थिति में पाडला हाडलिया में बुधवार को आमसभा का आयोजन किया गया। पाडला हाडलिया ने आज समाज सुधार और विकास के क्षेत्र में जो मिसाल पेश की है, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
गांव के बच्चे-बच्चे की जुबान पर इन दिनों एक ही नाम है। समाज सुधार की पहल सरपंच तुलसी मालीवाडा व उनके पति कचरा मालीवाडा के अथक प्रयासों से गांव ने सामाजिक और भौतिक विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। मालीवाडा आदिवासी समाज के एक प्रभावशाली सुधारक और अध्यक्ष भी हैं, जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, फिजूलखर्ची और भेदभाव के खिलाफ जोरदार अभियान छेड़ रखा है।
कचरा मालीवाडा ने बताया कि उन्होंने अनाथ बच्चों को गोद लेने और उनका संपूर्ण खर्च उठाने की मुहिम शुरू की है। इसकी शुरुआत उन्होंने अपने ही गांव से की, जहां प्रत्येक स्कूल में जाकर ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है जिनके माता-पिता नहीं हैं। समाज में अब बैंड-बाजा, डीजे, शराब, और सोने-चांदी के आडंबर पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। शादी-विवाह में सादगी और फिजूलखर्ची के विरोध को समाज ने खुले दिल से स्वीकार किया है।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल गांव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे अन्य क्षेत्रों तक भी फैलाया जाएगा। सिर्फ समाज सुधार ही नहीं, ग्राम पंचायत पाडला हाडलिया ने विकास कार्यों में भी मिसाल कायम की है। ग्रामीणों का कहना है कि कई ऐसे कार्य जो पंचायत समिति तक नहीं कर पाई, वह सरपंच व उनके पति द्वारा कर दिखाए गए हैं। ग्रामीणों को सुविधा के रूप में निशुल्क एंबुलेंस सेवा, गर्मियों में हर घर तक निशुल्क पेयजल आपूर्ति, ग्राम पंचायत के राजस्व गांवों में सड़कों, नालियों और साफ-सफाई के कार्यों में तेजी सम्मिलित है। ग्रामीणों ने सरपंच व उनके पति को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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