24 News Update उदयपुर। राज्य सरकार ने पशुपालन विभाग में प्रशासनिक स्तर पर महत्त्वपूर्ण बदलाव करते हुए डाॅ. लक्ष्मीनारायण मीणा को उदयपुर संभाग का संभागीय अतिरिक्त निदेशक एवं डाॅ. सुरेश जैन को जिला संयुक्त निदेशक नियुक्त किया है। दोनों अधिकारियों ने शुक्रवार को अपने-अपने पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया।कार्यक्रमों की धीमी प्रगति के कारण बदली जिम्मेदारियाँमेवाड़ पशुचिकित्सक संघ के संरक्षक डाॅ. दिनेश चन्द्र सारड़ा ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग टीकाकरण अभियान और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की सुस्त प्रगति को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है ताकि कार्यक्रमों को गति दी जा सके और निर्धारित लक्ष्यों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।सहयोग की अपीलपदभार ग्रहण करने के बाद डाॅ. मीणा और डाॅ. जैन ने मेवाड़ पशुचिकित्सक संघ एवं तकनीकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात कर आग्रह किया कि राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने खुरपका-मुंहपका टीकाकरण और पशु बीमा योजना के 100 प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति का संकल्प भी दोहराया।पदभार ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे अधिकारीइस अवसर पर मेवाड़ पशुचिकित्सक संघ के अध्यक्ष डाॅ. शैलेन्द्र शुक्ला, डाॅ. रविन्द्र गोयल, डाॅ. मुकेश नागौरी, डाॅ. कृष्णगोपाल नामा, डाॅ. महेन्द्र मेहता, डाॅ. ओमप्रकाश साहू, डाॅ. सुरेन्द्र छगानी, डाॅ. लज्जाराम मीणा, डाॅ. सुरेश शर्मा, डाॅ. राजकिशोर बंसल, डाॅ. केदार वैष्णव, डाॅ. विजय माने, डाॅ. सविता मीणा, डाॅ. पदमा मील सहित कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि कालूलाल पटेल, गिरधारीलाल तिवारी और मंशाराम उपस्थित रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सरकारी बैठक में ’समाजसेवी’ की विशेष उपस्थिति ने खड़े किए कई सवाल, क्या बदल रही है प्रशासनिक बैठकों की परंपरा? गोदाम में दो सप्ताह में दो बार चोरीः 14 लाख की केबल ले गए चोर, व्यापारी वर्ग में आक्रोश, सुखेर थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराधों से व्यापारियों में रोष, कार्रवाई नहीं होने पर जन आंदोलन की चेतावनी