24 News Udpate उदयपुर। मकर संक्रांति के मौके पर झीलों की नगरी उदयपुर के अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण शिल्पी एवं 121 वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर प्रोफेसर डॉ. इक़बाल सक्का ने एक बार फिर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर डॉ. सक्का ने ऐसा अद्भुत और करिश्माई कारनामा कर दिखाया, जो विश्व इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने मात्र 75 घंटों में एक साथ 75 विश्व रिकॉर्ड बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।डॉ. सक्का ने विश्व की सबसे छोटी, सोने के बुरे के कणों जैसी दिखने वाली 75 सूक्ष्म पतंगें तैयार की हैं। ये पतंगें इतनी सूक्ष्म हैं कि नंगी आंखों से देखना लगभग असंभव है। विशेष लेंस से देखने पर इन पतंगों के ठड्डा, कबानी, धनुष, फूदा सहित सभी पारंपरिक आकार और बारीकियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। लेंस के नीचे देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो ये दुनिया की सबसे छोटी 75 पतंगें हों।75 घंटे, 75 पतंगें और 75 विश्व रिकॉर्डडॉ. सक्का ने लगातार 75 घंटों तक सूक्ष्म स्वर्ण शिल्प कला का प्रदर्शन करते हुए सोने की 75 अलग-अलग पतंगें बनाई और हर एक पतंग को अलग विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराया। इस अनोखी उपलब्धि के साथ उन्होंने न सिर्फ अपनी कला का लोहा मनवाया, बल्कि भारत की पारंपरिक कारीगरी और सूक्ष्म कला को भी वैश्विक पहचान दिलाई।हिंदुस्तान बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नामडॉ. इक़बाल सक्का की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हिंदुस्तान बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है। हिंदुस्तान बुक के प्रबंधक ने डॉ. सक्का को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए बताया कि“विश्व में पहली बार किसी रिकॉर्ड बुक में एक साथ 75 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। यह अपने आप में अद्वितीय उपलब्धि है।” Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सरकारी सहयोग के बिना भी सफल रहा RTTF, पर्यटन को मिले दीर्घकालिक लाभ उदयपुर टैक्स बार की 75 साल की विरासत का भव्य उत्सव, ITAT में चयन पर सीए राकेश लोढ़ा का सम्मान