24 News Update उदयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नवीनीकरण को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। अब भवन मालिकों को फायर एनओसी के रिन्यूअल के लिए दोगुनी राशि चुकानी होगी। स्वायत्त शासन विभाग ने फायर सेफ्टी नियमों में संशोधन करते हुए नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद क्षेत्रों के लिए शुल्क दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। संशोधित आदेश के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में अब फायर एनओसी नवीनीकरण शुल्क ₹20,000 कर दिया गया है, जबकि पहले यह ₹10,000 था। नगर पालिका क्षेत्र में यह शुल्क ₹15,000 और नगर परिषद क्षेत्र में ₹10,000 निर्धारित किया गया है। यह बदलाव पूरे प्रदेश में लागू होंगे और सभी निजी, व्यावसायिक एवं बहुमंजिला भवनों पर प्रभावी होंगे जिन्हें फायर एनओसी अनिवार्य रूप से लेनी होती है।
गौरतलब है कि इससे पहले 14 सितंबर 2023 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने फायर एनओसी शुल्क बढ़ाया था। मौजूदा भजनलाल शर्मा सरकार ने 21 महीने बाद दोबारा शुल्क दरों में संशोधन कर दिया है, जिसे अब ‘डबल इंजन’ की दरों के नाम से देखा जा रहा है।हालांकि सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि फायर एनओसी की वैधता अवधि बढ़ाकर 1 साल से 3 साल कर दी गई है, लेकिन यह सुविधा सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देने वाले होटल, रिसॉर्ट और धरोहर (मॉन्युमेंट) श्रेणी के प्रतिष्ठानों पर लागू होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क में बढ़ोतरी से आम बिल्डर्स, अस्पताल, स्कूल, मॉल, होटल व निजी आवासीय परियोजनाओं पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा। जबकि सरकार का तर्क है कि इस बदलाव से फायर सेफ्टी के प्रति भवन मालिकों में गंभीरता बढ़ेगी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
नगर निकायों को उम्मीद है कि इससे फायर विभाग के संसाधनों को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। लेकिन दूसरी ओर, व्यापारिक संगठनों और रियल एस्टेट डेवलपर्स ने शुल्क बढ़ोतरी को आर्थिक बोझ बताया है और इसे वापस लेने की मांग उठाई है।
डबल इंजन फायर: फायर एनओसी नवीनीकरण पर अब देनी होगी दोगुनी फीस

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