24 News Update उदयपुर। शहर की पहचान उसकी झीलों और हरियाली से है, और इसी पहचान को बचाने के लिए अब प्रशासन ने सख्ती का संकेत दे दिया है। जिला पर्यावरण समिति की त्रैमासिक बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में आयोजित हुई, जिसमें प्रदूषण और अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए गए। बैठक की शुरुआत में सदस्य सचिव एवं उप वन संरक्षक (उत्तर) अजय चित्तौड़ा ने पिछली बैठक की पालना रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद परिवहन, यूडीए, नगर निगम, यातायात पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रीको और खनन विभाग के अधिकारियों ने पिछले तीन महीनों में की गई कार्यवाही का ब्यौरा रखा।
जिला कलक्टर नमित मेहता ने स्पष्ट कहा कि उदयपुर की वैश्विक पहचान उसके गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ झीलों और स्वच्छ पर्यावरण के कारण है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों, रिसॉर्ट, अस्पतालों सहित सभी संस्थानों की सतत निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अवैध खनन और पहाड़ियों पर सख्त नजर
कलक्टर ने पहाड़ियों की अवैध कटाई और खनन पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। हाल ही में यूडीए द्वारा सीज किए गए स्थलों की खनन विभाग से पुनः जांच कराने और अवैध खनन पाए जाने पर अलग से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रदूषण नियंत्रण पर व्यापक मंथन
बैठक में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, ई-वेस्ट और ठोस कचरा प्रबंधन, मार्बल स्लरी निस्तारण, बायोमेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण और पर्यटन स्थलों की स्वच्छता जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
नो व्हीकल जोन पर जल्द निर्णय
भीतरी शहर में नो व्हीकल जोन लागू करने के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा हुई। पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि चांदपोल से जगदीश मंदिर तथा रंगनिवास चौकी से जगदीश मंदिर तक के मार्ग चिन्हित किए गए हैं। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों की समिति बनाकर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
फतहसागर और शहर की सफाई पर फोकस
कलक्टर ने फतहसागर झील की पाल पर स्थित बॉम्बे चौपाटी क्षेत्र में आ रही बदबू की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को माह में दो बार विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं सीसारमा से दूधतलाई मार्ग पर कचरा संग्रहण स्थल की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।
गर्मी में आग की घटनाओं से बचाव के निर्देश
गर्मी के मौसम में आतिशबाजी के कारण वन क्षेत्रों में आग लगने की संभावनाओं को देखते हुए वन विभाग को सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास होटल व आवासीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर, उप वन संरक्षक (वन्यजीव) यादवेंद्र सिंह चुण्डावत, सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य, सहायक वन संरक्षक सुरेखा चौधरी, यातायात उपाधीक्षक अशोक आंजना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

