24 News Update उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय में 7 फरवरी 2026 को वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजन के लिए साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य साइबर अपराध, फर्जी कॉल, मैसेज, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडिशनल एसपी उमेश ओझा ने कहा कि साइबर ठग डर और लालच का सहारा लेकर लोगों को जल्दबाजी में गलत निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कभी भी वीडियो कॉल या व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकाती नहीं है और न ही “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई प्रक्रिया होती है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया देने से पहले “सोचे–रुके–एक्शन ले” का मंत्र अपनाने की अपील की। साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन, 100 और 112 पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी। साइबर विशेषज्ञ एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. मनोज मीणा ने साइबर ठगों के तरीकों का खुलासा करते हुए बताया कि ठग स्वयं को सीबीआई, ईडी, ट्राई, कस्टम्स या पुलिस अधिकारी बताकर डराते हैं और फर्जी वीडियो कॉल के जरिए विश्वास जीतते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियां कभी भी पैसे की मांग नहीं करतीं और ऐसे कॉल आने पर तुरंत कॉल काटकर पुलिस को सूचना देनी चाहिए। कार्यक्रम में विधि महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रोफेसर आनंद पालीवाल, सहायक अधिष्ठाता डॉ. शिल्पा सेठ, डॉ. राजश्री चौधरी, डॉ. प्रियदर्शी नागदा, डॉ. भाविक पानेरी, डॉ. स्नेहा सिंह, डॉ. कल्पेश निकावत, महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक समिति के अध्यक्ष भंवरलाल सेठ सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक और विधि छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पंकज मीणा ने किया।
विधि महाविद्यालय में वरिष्ठ नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा कार्यशाला, ठगी से बचाव के दिए टिप्स

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