24 News update सूरत। उधना इलाके में एक सामान्य वाहन जांच के दौरान शुरू हुई साइबर ठगी की जांच अब 200 करोड़ रुपए के हाईटेक डिजिटल फ्रॉड रैकेट तक पहुंच चुकी है। इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रैकेट का मास्टरमाइंड और वराछा निवासी मयूर इटालिया (40) को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 30 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते बेचे, एक की कीमत 6 लाख तक मयूर ने पूछताछ में कबूल किया है कि अगस्त 2024 से अब तक वह मुख्य आरोपी किरात जाधवानी और फरार दिव्येश को 30 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते बेच चुका है। इन खातों की कीमत 1 लाख से लेकर 6 लाख रुपए तक थी। खास बात यह है कि इन खातों को फर्जी जीएसटी नंबरों और बनावटी टेक्सटाइल कंपनियों के नाम पर खोला गया था ताकि इन पर किसी को शक न हो। एक बैंक खाते से तीन दिन में हुए थे 42 करोड़ के ट्रांजेक्शन जांच में सामने आया है कि स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का वह खाता, जिससे सिर्फ तीन दिन में 42 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ था, वही खाता मयूर ने ही किरात और दिव्येश को मुहैया कराया था। इसी खाते के माध्यम से पूरे रैकेट की परतें खुलीं और जांच एजेंसियां सतर्क हो गईं। पढ़ा-लिखा अपराधी, MBA के बाद जुड़ा मार्केटिंग से एमबीए करने के बाद मयूर पापड़ की मार्केटिंग करता था, लेकिन समय के साथ वह टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग स्किल्स का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की दुनिया में उतर गया। किरात का मामा होने के कारण वह इस गिरोह से जुड़ा और पूरे रैकेट की बैंकिंग नींव तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। केंद्रीय एजेंसियां जांच में शामिल मामला गंभीर होता देख अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी इस केस की जांच में जुड़ चुकी हैं। उनका फोकस अब उन सभी बैंक खातों, ट्रांजेक्शनों और उनसे जुड़े लोगों की पहचान करने पर है, जिनके जरिए यह रकम इधर-उधर की गई। किरात और दिव्येश ने स्कूल टाइम से शुरू की थी प्लानिंग जांच में यह भी सामने आया है कि किरात और दिव्येश स्कूल के दिनों से दोस्त हैं। दोनों ने मिलकर इस साइबर गिरोह की नींव रखी थी। किरात को बैंक खातों की जरूरत थी, जिसे मयूर ने पूरा किया। फिलहाल दिव्येश फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हैं। आगे और बड़े खुलासों की उम्मीद पुलिस सूत्रों के मुताबिक मयूर की गिरफ्तारी इस रैकेट की पहली परत है। पूछताछ में कई और नाम और बैंकिंग चैनल्स सामने आ सकते हैं, जो इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं। मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और विदेशी खातों से जुड़ी जानकारियां भी सामने आने की संभावना है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation अब IRCTC टिकट बुकिंग में बोलने से होगा काम: बिना पासवर्ड के सिर्फ आवाज से बुक करें ट्रेन टिकट, जानिए कैसे बेंगलुरु भगदड़ कांड: पुलिस कमिश्नर सहित आठ अधिकारी निलंबित, RCB और इवेंट एजेंसी के अधिकारियों की गिरफ्तारी के आदेश