Site icon 24 News Update

कांग्रेस का बजट पर तीखा हमला: “यह विकास का दस्तावेज नहीं, जनता की आंखों में धूल झोंकने की कवायद”

Advertisements

24 News update उदयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेताओं ने बजट को दिशाहीन, जनविरोधी और आंकड़ों की बाजीगरी करार देते हुए कहा कि यह प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप नहीं, बल्कि सरकार की नाकामियों को छुपाने का प्रयास है।
उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि बजट में न तो बेरोजगार युवाओं के लिए ठोस रोजगार योजना है और न ही कर्ज से दबे किसानों के लिए वास्तविक राहत। महंगाई से जूझ रहे आम आदमी को भी इस बजट से कोई सहारा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल बड़ी-बड़ी घोषणाओं का शोर मचाया है, लेकिन उनके क्रियान्वयन को लेकर कोई स्पष्ट दिशा नहीं है।
मीणा ने पेट्रोल-डीज़ल पर वैट कम न किए जाने को जनता की उम्मीदों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि चुनाव के समय जिन मुद्दों को सरकार ने हथियार बनाया था, सत्ता में आते ही उन्हीं से मुंह मोड़ लिया गया। उनके अनुसार प्रदेश में बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर बजट पूरी तरह मौन है।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने बजट को “कागजी घोषणाओं का पुलिंदा” बताते हुए कहा कि हर वर्ग को इस बजट से उम्मीद थी, लेकिन अंततः निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने कहा कि निवेश प्रोत्साहन के नाम पर केवल प्रचार किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर निवेश के ठोस संकेत दिखाई नहीं देते। कृषि आय बढ़ाने और युवाओं के स्वावलंबन के लिए की गई घोषणाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए राठौड़ ने कहा कि सरकार ने पूर्व बजट घोषणाओं की प्रगति का कोई स्पष्ट ब्यौरा तक नहीं दिया है। उन्होंने बजट को पूरी तरह दिशाहीन और जनविरोधी करार दिया।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. संजीव राजपुरोहित ने बजट को लेकर आंकड़ों के साथ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले तीन बजटों में सरकार ने 2700 से अधिक घोषणाएं कीं, लेकिन उनमें से महज एक-चौथाई ही धरातल पर उतर सकीं। सैकड़ों घोषणाएं आज तक फाइलों से बाहर नहीं आईं।
डॉ. राजपुरोहित ने कहा कि मौजूदा बजट में भी सड़कों, सिंचाई, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया गया है। उनके अनुसार यह बजट प्रदेश के विकास का दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की विफलताओं को ढंकने वाला “आंकड़ों का पर्दा” है।

Exit mobile version