24 News Updade उदयपुर। उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा ‘संगठन बढ़ाओ–लोकतंत्र बचाओ’ अभियान 2 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। अभियान पूरे महीने जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा, जिसमें संगठन विस्तार के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर जनजागरण पर विशेष ध्यान रहेगा। जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने बताया कि यह अभियान मावली, वल्लभनगर, खेरवाड़ा, गोगुंदा, झाड़ोल और उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में संचालित होगा। इसके तहत वार्ड, मंडल और ब्लॉक स्तर तक बैठकें आयोजित कर आमजन को जागरूक किया जाएगा। बैठकों में पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं तथा जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
अभियान के माध्यम से ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जाएगा। सक्रिय कार्यकर्ताओं की पहचान कर नई समितियों का गठन किया जाएगा, ताकि संगठन की जमीनी पकड़ को और सुदृढ़ किया जा सके।
तय कार्यक्रम के अनुसार बैठकों की श्रृंखला
अभियान के तहत 2 अप्रैल को मावली विधानसभा क्षेत्र में खेमली ब्लॉक की बैठक सुबह 11 बजे डबोक स्थित धूणीमाता मंदिर परिसर में तथा दोपहर 2 बजे मावली ब्लॉक कार्यालय में आयोजित होगी। 3 अप्रैल को झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र में कोटड़ा ब्लॉक की बैठक प्रातः 11 बजे कोटड़ा कार्यालय में तथा दोपहर 2 बजे डाक बंगला झाड़ोल में झाड़ोल ब्लॉक की बैठक रखी गई है। 4 अप्रैल को वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में भटेवर में सुबह 11 बजे तथा भीण्डर स्थित शक्तावत फार्म हाउस में अपरान्ह 4 बजे बैठकें आयोजित होंगी। 5 अप्रैल को उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र में गिर्वा ब्लॉक की बैठक सुबह 10:30 बजे और हिरणमगरी ब्लॉक की बैठक दोपहर 12 बजे आयोजित की जाएगी। 6 अप्रैल को गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र में गोगुंदा ‘बी’ ब्लॉक की बैठक सुबह 11 बजे तथा गोगुंदा ‘ए’ ब्लॉक की बैठक दोपहर 1 बजे आयोजित होगी। 7 अप्रैल को खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में ऋषभदेव ब्लॉक की बैठक दोपहर 1 बजे तथा खेरवाड़ा ब्लॉक की बैठक अपरान्ह 4 बजे रखी गई है। इन बैठकों में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाग लेंगे।
उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी के डॉ संजीव राजपुरोहित ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और जनसंपर्क बढ़ाना है। इसके माध्यम से स्थानीय मुद्दों को सामने लाकर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति अपनाई गई है।

