24 News Update उदयपुर। उदयपुरवासियों के लिए यह निस्संदेह एक स्वर्णिम और ऐतिहासिक अवसर है। हम तो कहेंगे कि जश्न मनाने का सुनहरा मौका है। नगर निगम उदयपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आज शहीद दिवस पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए जो प्रण लिया है, उससे अब शहर की जनता की उम्मीदों को नए पंख लग गए हैं। इस प्रण के स्मरण मात्र से जनता अब गदगद हो सकती है, बल्लियां उछल सकती हैं।जनता अब निगम में से पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वासनीयता जैसे आउट डेटेड हो चुकी बातों की फिर से एंट्री की उम्मीद कर सकती है। अब विकास का पहिया चलेगा नहीं, दौड़ेगा और जनता पहिये पर सवारी का मजा भी ले सकेगी। हर काम में गांधी छाप के भीषण महा—प्रयोग के जो आरोप अब तक दबी जुबां में लगते थे अब इस ताजा संकल्प से वे सब हवा हवाई हो जाएंगे। सब कुछ एकदम नीट एंड क्लीन हो जाएगा—स्वच्छ भारत का है इरादा…जैसा। नगर निगम बोर्ड बैठक हॉल में आज दो मिनट का मौन रखा गया, गांधीजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और फिर— ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव के साथ काम करने का सभी कर्मचारियों ने प्रण ले लिया।इस प्रण को लेने की सूचना मिलते ही शहर में खुशियों का वेलेंटाइन सा आ गया है। उस नगर निगम के कर्मचारियों ने ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव के साथ काम करने का प्रण लिया है जहां कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते फाइलें खुद चलकर गायब हो जाती हैं। एक कड़क आईएएस अफसर की नाक के नीचे से फाइलें चलते—चलते यूं ही मूड फ्रेश करने के लिए नजरों से ओझल हो जाया करती हैं। नोटिस के घोड़े दौड़ा—दौड़ा कर थक जाने पर भी आयुक्त साहब को नजर नहीं आ रही हैं।जहां पर कार्मिक धैर्य रूपी गाल थप्पड़ खाकर लाल तो हो जाता है मगर उसके बाद भी ना जाने क्यों एकदम चुपचाप बैठ जाता है।जहां आरटीआई लगाने वाले आम आदमी को घनचक्कर बनाकर धोबी पछाड़ दे दिया जाता है। और तो और वकीलों तक को चक्रव्यूह में फंसाकर ऐसी की तैसी कर दी जाती है।और उन सबसे ज्यादा गंभीर, जहां कुछ अदृश्य शक्तियों के प्रभाव में कुछ फाइलें रेंगती हैं, कुछ पैदल चलती हैं, कुछ रिजेक्ट हो जाती हैं तो कुछ तो आवेदन से पहले ही दौड़ पड़ती हैं। काम के दो हाईवे दिखते हैं यहां। एक पर खूब स्पीड ब्रेकर हैं तो दूसरे पर टोल वाली चकाचक सड़क। इस चकाचक सड़क पर श्रद्धा के अनुसार फाइलों के एक्सीलेटर का कांटा स्पीड पकड़ता रहा है। पब्लिक परसेप्शन हैं कि जवाबदेही की चिड़ियां यहां दैनिक दाना—पानी के इंतजाम के बिना उड़ ही नहीं पाती हैं।जहां पर राजनीतिक और प्रशासनिक रण बांकुरे 272 प्लॉटों के साथ ‘मारदड़ी का मीठा लाडू’ खेलते नजर आते हैं। और दर्शक दीर्घा में एसीबी सहित अन्य एजेंसियां चीयर करती नजर आती हैं।जहां के पूर्व आयुक्त के भ्रष्टाचार पर विधायक साहब विधानसभा के पटल पर चीख—चीख कर कच्चे चिट्ठी रख आते हैं। मगर उनका बाल बांका भी नहीं होता, उल्टे प्रमोशन की फाइल आगे सरक जाती है। उस महान उदयपुर नगर निगम में आज राष्ट्रपति महात्मा गांधी की प्रेरणा से ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव के साथ काम करने की शपथ लेना कोई मामूली अवसर नहीं हैं। देखा जाए तो ऐसे अवसर बरसों में कभी आते हैं। लेकिन अब— प्रण लिया जा चुका है। तो उम्मीद की ही जानी चाहिए कि निगम कार्यालय में घुसते ही नागरिक को कल आइए जैसा कोई शब्द नहीं सुनना पड़ेगा। फाइलें खुद ब खुद मेज से मेज पर घूम—घूम कर हनी—मून मनाने की बजाय सीधे नतीजों तक पहुंच जाएगी। जो फाइलें गुम हैं वे खुद आयुक्त साहब के दरवाजे पर दस्तक देकर कहेंगी—देखों हम लौट आए हैं। अब तो फलां—फलां को बख्श दो।और सबसे बड़ी बात दलालों की, तो दलालों को अब लगता है नगर निगम परिसर में घुसने की अनुमति ही नहीं मिलने वाली। हर काम सत्यपथ से होकर चलेगा, बीच में आर्थिक ज्वाला का धधकता अग्निपथ अब कहीं नहीं दिखाई देगा। सत्य जब बोलेगा तो झूठ वैसे ही मुंह छिपा कर भाग छूटेगा। काम झटपट होंगे, बिना किसी आर्थिक नुकसान के। चूँकि प्रण सार्वजनिक रूप से लिया गया है, इसलिए अब शहरवासी आशावान हैं—और उम्मीद भी करेंगे।आख़िर गांधीजी के नाम पर लिया गया प्रण है, इसे निभाना भी तो गांधीवादी ही होना चाहिए। अब देखना यह है कि यह प्रण केवल दो मिनट के मौन जितना छोटा साबित होता है या उदयपुर की जनता के लिए वाकई लंबी राहत की शुरुआत का नया जरिया बनता है। हम भी गांधीजी का प्रिय भजन जप कर गाते हैं….सबको सन्मति दे भगवान….। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पन्नाधाय महिला अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों पर उबाल राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय : शहीद दिवस पर मौन, स्मृति और संकल्प का संगम