24 News Update लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित आयकर विभाग के कार्यालय में गुरुवार को उच्च अधिकारियों के बीच पुरानी रंजिश एक हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग पर जॉइंट कमिश्नर योगेंद्र मिश्रा ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल अधिकारी को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एफआईआर के अनुसार, यह विवाद फरवरी 2025 में हुए एक विभागीय क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान शुरू हुआ था। योगेंद्र मिश्रा ने उस समय जबरन टीम में शामिल होने और कप्तान बनाए जाने की मांग की थी। विरोध होने पर उन्होंने खिलाड़ियों को कथित तौर पर धमकाया, जिसकी वजह से उनके विरुद्ध कई शिकायतें दर्ज हुईं। इसी के चलते उनका लखनऊ से उत्तराखंड तबादला कर दिया गया था।
गालियां, गिलास से हमला और फिर गला दबाया
गुरुवार दोपहर तीन बजे के करीब जब गर्ग अपने ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, तभी मिश्रा वहां पहुंचे और उच्च स्वर में गालियां देने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफर और विभागीय कार्रवाई के पीछे गर्ग की भूमिका है। आरोप है कि मिश्रा ने टेबल पर रखा कांच का गिलास उठाकर गर्ग की ओर फेंका, और फिर उनके पास जाकर गर्दन पर वार किया तथा गला दबाने की कोशिश की। उन्होंने गर्ग को मुक्के मारे और जूतों से प्राइवेट पार्ट पर हमला किया, जिससे गर्ग को गंभीर चोटें आईं। हमले के बाद गर्ग बेहोश हो गए और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। एफआईआर में यह भी बताया गया है कि मिश्रा ने खिलाड़ियों को व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक भाषा में धमकियां दी थीं। यहां तक कि एक खिलाड़ी को नशीले पदार्थ के झूठे केस में फंसाने तक की चेतावनी दी गई थी। इस प्रकार की कुल 12 शिकायतें विभाग में पहुंचीं थीं, जिनकी जांच गर्ग के निर्देश पर प्रारंभ हुई थी।
हमले के दौरान मौजूद थे वरिष्ठ अधिकारी
घटना के समय वरिष्ठ अधिकारी ऋचा रस्तोगी और शौर्य शाश्वत शुक्ला भी कमरे में मौजूद थे। शुक्ला ने गर्ग को बचाने का प्रयास किया। पुलिस को घटना की सूचना मिलने पर घायल अधिकारी को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस कार्रवाई व जांच
ACP हजरतगंज विकास जायसवाल के अनुसार, आरोपी योगेंद्र मिश्रा के विरुद्ध धारा 307 (हत्या का प्रयास) और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच के बाद कहा गया है कि यह हमला पूर्व नियोजित और प्रतिशोध से प्रेरित हो सकता है। घटना के बाद आयकर विभाग के अफसरों में सन्नाटा पसरा है। किसी भी अधिकारी ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उच्च स्तरीय विभागीय जांच का आदेश दे दिया गया है।

