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बाल चिकित्सालय में ‘क्लीन-केयर मॉडल’: कलेक्टर का सघन निरीक्षण, हर माह होगी मॉनिटरिंग

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24 News Update उदयपुर, 23 अप्रैल। शहर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय स्थित शिशु रोग विभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने गुरुवार सुबह सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन, एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन, बाल चिकित्सालय विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अरोड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण की शुरुआत में कलेक्टर अग्रवाल ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से यह देखकर संतोष जताया कि परिसर के कोनों और सीढ़ियों पर पान-गुटखा के निशान नहीं थे। इस पर अधीक्षक डॉ. सुमन ने बताया कि प्रवेश द्वार पर सख्त निगरानी, जागरूकता और पर्याप्त कचरा पात्रों की व्यवस्था से यह संभव हुआ है।
कलेक्टर ने ओपीडी, वैक्सीनेशन कक्ष और एडोलसेंट सेंटर का अवलोकन करते हुए सिकल सेल एक्सीलेंस सेंटर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्हें बताया गया कि यह देश का दूसरा सिकल सेल एक्सीलेंस सेंटर है। उन्होंने जनसहभागिता बढ़ाने के लिए चल रहे हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया। साथ ही हीमोफीलिया और थैलेसीमिया वार्ड में 300 से अधिक पंजीकृत मरीजों के नियमित उपचार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
संभाग के प्रमुख केंद्र होने के कारण यहां भर्ती अति-कुपोषित बच्चों के उपचार और उनके परिजनों को दिए जाने वाले भत्ते की जानकारी भी कलेक्टर ने ली। उन्होंने आईसीयू, पीआईसीयू और कुपोषण वार्ड की रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच की।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अस्पताल विस्तार और निर्माण कार्यों की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर माह जिला कलेक्टर कार्यालय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, जिसमें पुलिस विभाग को भी शामिल किया जाएगा, ताकि यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। इस संबंध में उन्होंने प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन को विस्तृत एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए।
जन-जागरूकता पर जोर देते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अरोड़ा ने बताया कि कई मरीजों का खर्च योजना समाप्त होने के बाद अस्पताल स्तर पर वहन किया जाता है। इस पर कलेक्टर ने फील्ड स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई, ताकि पात्र लोगों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान उप अधीक्षक डॉ. संजीव टांक, सीनियर प्रोफेसर डॉ. आसिफ, नर्सिंग अधीक्षक और अन्य चिकित्साकर्मी भी मौजूद रहे।

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