24 News Update जयपुर। राज्य में सुशासन और अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और गुणवत्ता की गहन समीक्षा की। उन्होंने एक प्रकरण को केस-स्टडी के रूप में सुनकर समाधान प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को भी परखा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निवारण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें। निरीक्षण के बाद उन्होंने संदेश पट्ट पर लिखा कि “राजस्थान संपर्क पोर्टल” देश की सर्वश्रेष्ठ शिकायत निवारण प्रणाली है। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके तार्किक समाधान तक की डिजिटल प्रक्रिया अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल है।
डीजीपी ने लिया लाइव अनुभव
पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने केंद्र में शिकायतों की लाइव सुनवाई का अनुभव लिया और इसे “आई-ओपनर” बताते हुए कहा कि यह तंत्र सार्वजनिक शिकायत निवारण को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जयपुर ग्रामीण के फागी क्षेत्र के एक प्रकरण में परिवादी हेमराज बुनकर से बातचीत भी की। इस मामले में परिवादी ने रेनवाल मांझी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं होने की शिकायत 181 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। बाद में संबंधित अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उसी दिन परिवाद दर्ज कर लिया गया था और जांच जारी है।
मुख्य सचिव और डीजीपी ने 181 हेल्पलाइन का किया निरीक्षण, बताया देश में सर्वश्रेष्ठडीजीपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि— शिकायतों का सही श्रेणीकरण किया जाए, सटीक सब्जेक्ट रिवीजन और उचित लेवल मैपिंग सुनिश्चित हो, सर्विस डिलीवरी से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए, लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए
मुख्य सचिव और डीजीपी ने 181 हेल्पलाइन का किया निरीक्षण, बताया देश में सर्वश्रेष्ठआंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पुलिस विभाग से जुड़े कुल 1,60,292 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 1,52,444 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। यह लगभग 95 प्रतिशत समाधान दर है, जो प्रणाली की प्रभावशीलता और त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।

