24 News Udpate उदयपुर। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट में उदयपुर संभाग के लिए आधारभूत ढांचे, कृषि, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी विकास से जुड़ी कई घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने “विकसित राजस्थान @2047” के विजन के तहत उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और नवगठित सलूंबर जिले को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का दावा किया है। नवीन केंद्रीय कारागृह भवन का निर्माण करने की बात बरसों से चल रही है। इस बार उम्मीदें हैं कि वादा पूरा होगा व बजट के वादे को जेल नहीं होगी। उदयपुर में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य करने की बात कही गई है मगर सच तो ये है कि उदयपुर में बाढ़ का कारण नेताओं, अफसरों व जन प्रतिनिधियों की गलती नीतियां हैं। आयड़ नदी में बाढ़ इसमें हुए विकास के कारणों से आ रही है। नदी के पेटे को भराव से भरकर उसे विकास का काम बताया जा रहा है व करोड़ो रूपए हर साल पानी में बहाए जा रहे हैं। उदयपुर के अस्पताल में विश्राम गृह का निर्माण भी अच्छी पहल है लेकिन धर्मशाला का किराया बढाए जाने के बाद यह मांग उठ रही है कि क्या नए विश्राम गृह का भी किराया मरीजों के लिए अफोर्डेबल होगा भी या नहीं। सिग्नल फ्री करने की बात भी लोगों के गले नहीं उतर रही है क्योंकि शहर में कोई यातायात प्रबंधन ढंग का नहीं है। वीआईपी कल्चर इतना हावि है कि जब चाहे यातयाता जाम कर दिया जाता है, लोग परेशान होते रहते हैं। पहले नेताओं में सिविक सेंस के लिए बजट दिया जाए उसके बाद सिग्नल फ्री की बात की जाए। नागरिक सेवाओं को व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है जो कि अभी सपना जैसा लगता है क्योंकि जब सेवाएं वास्तव में ओन कॉल ही उपलब्ध नहीं है तो वाट्सएप से क्या होगा??
सड़क, यातायात और शहरी सुविधाओं पर फोकस
बजट में राज्यभर में सड़क निर्माण, उन्नयन और मरम्मत के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे उदयपुर संभाग को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उदयपुर संभाग मुख्यालय को सिग्नल-फ्री बनाने की घोषणा के साथ स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत आईटीएमएस कैमरों की स्थापना प्रस्तावित है। मगर यह काम कब पूरा होगा इसे देखना होगा। इसके अलावा शहरी निकायों में स्मार्ट सर्विस सेंटर्स, नागरिक सेवाओं को व्हाट्सऐप प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। उदयपुर शहर में शोर प्रदूषण नियंत्रण के लिए नॉइज़ मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने का भी प्रावधान किया गया है। मगर यह हो पाएगा इसमें संदेह है।
कृषि और आदिवासी अंचल पर विशेष ध्यान
आदिवासी बहुल उदयपुर संभाग को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र में कई योजनाओं की घोषणा की गई है। बांसवाड़ा में आम (मैंगो) के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव है, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। उदयपुर में ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना का प्रस्ताव भी बजट में शामिल है। इसके साथ ही नई कृषि मंडियां, गोदाम निर्माण, सोलर पंप, कस्टम हायरिंग सेंटर और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का लाभ संभाग के किसानों तक पहुंचाने का दावा किया गया है।
स्वास्थ्य सुविधाएं और वन्यजीव संरक्षण
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) निर्माण की घोषणा की गई है, जिसमें उदयपुर भी शामिल है। वन्यजीव संरक्षण के तहत उदयपुर में वन्य प्राणियों के उपचार के लिए विशेष केंद्र स्थापित करने, वन्यजीव एंबुलेंस और रैपिड मोबिलिटी टीमों की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है, जिससे दक्षिणी राजस्थान में वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पर्यावरण और जल संरक्षण
हरियालो राजस्थान मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर पौधारोपण, नमो नर्सरी और नमो वन योजनाओं का विस्तार उदयपुर संभाग तक किया जाएगा। जल संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तहत जल संरचनाओं के निर्माण से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना बताई गई है।
युवा, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी घोषणाएं
बजट में स्कूलों की मरम्मत, सीएम-राइज स्कूलों का उन्नयन, एआई आधारित लर्निंग लैब्स और राज-पहल जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रावधान है। कॉलेज विद्यार्थियों के लिए ई-वाउचर, डिजिटल स्किलिंग और स्टार्टअप से जुड़ी योजनाओं के जरिए युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने का दावा किया गया है। वहीं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इंडस्ट्री पार्टनर के सहयोग से विशेष केंद्र खोलने की भी घोषणा की गई है।
जिला और संभाग स्तरीय प्रमुख घोषणाएं
बजट के अनुसार— उदयपुर में नवीन केंद्रीय कारागृह भवन का निर्माण, उदयपुर में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य,
उदयपुर के अस्पताल में विश्राम गृह का निर्माण, सलूंबर जिले में जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार की स्थापना,
सलूंबर में पंचायतीराज भवनों का निर्माण करना। चित्तौड़गढ़ में कुंभा बायो पार्क का विकास, गोमती नदी में रिवर फ्रंट। सवाल ये है कि कहीं गोमती नदी को भी हाल आयड़ जैसा नहीं कर दिया जाए रिवर फ्रंट के नाम पर इसका ध्यान जनता को ही रखना होगा। बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन की स्थापना का प्रस्ताव, जमीनी क्रियान्वयन पर टिकी निगाहें, कुल मिलाकर बजट 2026-27 में उदयपुर संभाग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़ी कई घोषणाएं की गई हैं। हालांकि इन योजनाओं का वास्तविक लाभ आदिवासी और ग्रामीण अंचलों तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है, यह बजट की सफलता का असली पैमाना होगा।

