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अशांत क्षेत्रों में नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए विधेयक महत्वपूर्ण- विधायक कृपलानी

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24 News Update निम्बाहेड़ा (कविता पारख) पूर्व यूडीएच मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी ने राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत “राजस्थान अशांत क्षेत्रों में अचल संपत्ति के हस्तांतरण पर प्रतिबंध और किरायेदारों को बेदखली से संरक्षण विधेयक, 2026” का समर्थन करते हुए कहा कि यह विधेयक राज्य में नागरिकों की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और न्याय की भावना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
विधानसभा में अपने विचार व्यक्त करते हुए कृपलानी ने कहा कि कई बार किसी क्षेत्र में साम्प्रदायिक तनाव या अशांति की स्थिति उत्पन्न होने पर वहां रहने वाले लोगों को भय और दबाव के कारण अपनी संपत्तियां औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कई घटनाओं में स्थानीय निवासियों के मकानों और संपत्तियों को आगजनी व तोड़फोड़ कर नुकसान भी पहुंचाया जाता है। ऐसे मामलों को रोकने और लोगों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कानून लाया गया है।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक के तहत यदि किसी क्षेत्र को “अशांत क्षेत्र” घोषित किया जाता है तो वहां सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की अचल संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा। इससे दबाव में संपत्ति बेचने या जबरन खरीद-फरोख्त जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
कृपलानी ने कहा कि विधेयक में किरायेदारों को मनमाने ढंग से बेदखल किए जाने से संरक्षण देने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग के लोगों को सुरक्षा और न्याय मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह कानून स्थायी निवासियों की संपत्तियों की रक्षा, सामाजिक एवं जनसंख्या संतुलन बनाए रखने तथा अशांति की स्थिति में नागरिकों को कानूनी संरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करेगा।
कृपलानी ने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और यह विधेयक उसी भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि गुजरात सहित कुछ अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रावधान लागू हैं, जहां इस प्रकार के कानूनों ने जबरन संपत्ति बिक्री और असंतुलन की स्थितियों को रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाई है।
उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों से प्रदेश की जनता के हित, उनकी सुरक्षा और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए इस विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।

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