24 News Update नई दिल्ली। यात्रियों की वर्षों पुरानी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने “रिफॉर्म एक्सप्रेस” के तहत ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिलने वाला है। अब यात्री ट्रेन छूटने से सिर्फ 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे, जिससे अंतिम समय में यात्रा छूटने की समस्या काफी हद तक खत्म होगी।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इन सुधारों का मकसद टिकटिंग सिस्टम को पारदर्शी बनाना और वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना है। नई व्यवस्था के तहत अगर कोई यात्री अपने मूल स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो वह अपनी कन्फर्म सीट खोए बिना अगले स्टेशन से यात्रा शुरू कर सकेगा।यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने टिकट रद्द करने के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। अब काउंटर टिकट देश के किसी भी स्टेशन से रद्द कराए जा सकेंगे, जबकि ई-टिकट के लिए टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रसीद) भरने की झंझट खत्म कर दी गई है और रिफंड स्वतः मिल जाएगा। साथ ही टिकट रद्द करने की समय सीमा भी बढ़ाकर 72, 24 और 8 घंटे कर दी गई है, जिससे वेटिंग लिस्ट यात्रियों को बेहतर अवसर मिल सकेगा।रेलवे ने यह भी साफ किया है कि फर्जी बुकिंग और दलालों पर लगाम कसने के लिए तकनीकी निगरानी को मजबूत किया गया है। आईआरसीटीसी सिस्टम से करीब 3 करोड़ फर्जी अकाउंट हटाए जा चुके हैं, जिससे टिकटों की उपलब्धता में सुधार हुआ है। आधार आधारित ओटीपी सत्यापन और बॉट्स पर नियंत्रण जैसे कदम भी इस दिशा में अहम साबित हो रहे हैं।वहीं माल ढुलाई के क्षेत्र में भी रेलवे ने बड़े सुधार किए हैं। ऑटोमोबाइल और नमक परिवहन के लिए अब विशेष डिजाइन वाले वैगन और कंटेनर विकसित करने की अनुमति दी गई है। जंग-रोधी स्टेनलेस स्टील कंटेनरों के जरिए नमक ढुलाई को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इससे माल परिवहन में उसकी हिस्सेदारी बढ़ेगी। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सात बड़े बदलाव लागू किए गए हैं। अब ठेकेदारों के चयन में सख्ती बरती जाएगी, उप-अनुबंध (सब-कॉन्ट्रैक्ट) की सीमा घटाई गई है और अवास्तविक कम बोली लगाने वालों पर अतिरिक्त गारंटी का प्रावधान किया गया है। इससे परियोजनाओं में देरी और विवाद कम होने की उम्मीद है। रेल मंत्री ने बताया कि “रिफॉर्म एक्सप्रेस” के तहत वर्ष 2026 में अब तक कुल नौ सुधार लागू किए जा चुके हैं, जिनमें यात्री सुविधा, माल ढुलाई और निर्माण गुणवत्ता पर विशेष फोकस रखा गया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation पारस हेल्थ उदयपुर ने 2 सालों में 1,600 से ज्यादा रोबोटिक घुटने की सर्जरी करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की ‘UDAI’ पहल जॉइंट रिप्लेसमेंट में रोबोटिक-असिस्टेड टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग और सर्जिकल सटीकता और परिणामों को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका पर ज़ोर देती है।