24 News Update जयपुर। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के तहत दवाइयों की आपूर्ति में गड़बड़ी करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में फर्जी बिलिंग और अनियमितताओं के पुख्ता सबूत मिलने के बाद विभाग ने 63 दुकानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जिनमें से 30 दुकानों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं, जबकि 33 दुकानों के लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित किए गए हैं।
फर्जी बिलिंग का नेटवर्क बेनकाब
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने जानकारी दी कि विभाग को RGHS के तहत दवाइयों की आपूर्ति में कई दुकानों द्वारा अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इस पर स्थानीय स्तर पर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर्स (DCO) को जांच सौंपी गई। जांच के दौरान पता चला कि कई दुकानों ने जरूरत से कहीं ज्यादा दवाइयों के बिल बनाए, जबकि उन्होंने वास्तव में उन दवाइयों की खरीद ही नहीं की थी। फाटक ने बताया कि कुछ मेडिकल स्टोर्स ने लाखों रुपये के बिल पेश किए, लेकिन जब कंपनियों व स्टॉकिस्ट से खरीद की जानकारी मांगी गई तो खरीद की मात्रा बेहद कम पाई गई। कुछ मामलों में तो फार्मासिस्ट के फर्जी हस्ताक्षर करके बिल बनाए गए थे, जो एक गंभीर अपराध है।
इन जिलों में की गई कार्रवाई
ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन जिलों में दुकानों पर कार्रवाई की गई, वे हैं: भरतपुर – 17 दुकानें (सबसे ज्यादा) जयपुर – 13 दुकानें नागौर – 5 दुकानें झुंझुनूं – 5 दुकानें सीकर, हनुमानगढ़, धौलपुर, दौसा, भीलवाड़ा, बारां, अलवर, झालावाड़ – शेष दुकानें
भरतपुर, जयपुर और नागौर जिले फर्जीवाड़े के मुख्य केंद्र के रूप में सामने आए हैं। ड्रग कंट्रोलर ने स्पष्ट किया कि RGHS जैसी योजनाओं में भ्रष्टाचार या धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है और कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
RGHS में दवाइयों की फर्जी बिलिंग का बड़ा खुलासा: राजस्थान में 63 दुकानों पर कार्रवाई, 30 के लाइसेंस हुए रद्द

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