नगर निगम प्रांगण में 27 दिवसीय ज्ञान गंगा महोत्सव प्रवचन श्रृंखला का 11वां दिन 24 News Update उदयपुर । सर्वऋतु विलास स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में राष्ट्रसंत आचार्यश्री पुलक सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास भव्यता के साथ संपादित हो रहा है। बुधवार को टाउन हॉल नगर निगम प्रांगण में 27 दिवसीय ज्ञान गंगा महोत्सव के 11वें दिन नगर निगम प्रांगण में विशेष प्रवचन हुए। चातुर्मास समिति के अध्यक्ष विनोद फान्दोत ने बताया कि बुधवार को कार्यक्रम में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक उदयपुर ग्रामीण फूल सिंह मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा, विद्यापीठ विश्वद्यालय से एस एस सारंगदेवोत, पूर्व महापौर गोविंद सिंह टांक, आईएमए उदयपुर अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद सामर, उद्योगपति महेंद्र पाल सिंह छाबड़ा, बीसा नरसिंहपुरा समाज अध्यक्ष ऋषभ जासिंगोत, उद्योगपति धीरेन्द्र सचान, डॉ. तृप्ति जैन उपस्थित थे । आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन सीमा फांदोत एवं शास्त्र भेंट गेंदालाल विनोद फांदोत ने किया।चातुर्मास समिति के परम संरक्षक राजकुमार फत्तावत व मुख्य संयोजक पारस सिंघवी ने बताया कि ज्ञान गंगा महोत्सव के 11वें दिन आचार्य पुलक सागर महाराज ने कहा गरीब दूर तक चलता है, खाना खाने के लिए, और अमीर मीलों चलता है, खाना पचाने के लिए । किसी के पास खाने के लिए रोटी नहीं है, और किसी के पास खाना खाने के लिए वक्त नहीं है । कोई लाचार है इसलिए बीमार है, कोई बीमार है इसलिए लाचार है । कोई रोटी के लिए अपनों को छोड़ देता है और कोई अपनों के लिए रोटी छोड़ देता है । अच्छे और बुरे दिन सभी के संसार में आते है । एक सा जीवन किसी का नहीं रहता है, राम, कृष्ण, बुद्ध और महावीर सभी का जीवन अलग अलग रहा । आप सुखी है आप समृद्धशाली है, आप किस्मत वाले है । सभी की किस्मत एक जैसी नहीं होती है, जो कम किस्मत वाले है उनके लिए सहायता का हाथ अवश्य उठना चाहिए । दुनिया में भूख सबसे बड़ी है, सुबह मिटाओ शाम फिर खड़ी है । भगवान महावीर ने कहा कि अपने साधु संतों की वैयावृत्ति किया करो, मै कहता हूं समाज में भी लोगो की सेवा करने के लिए अपना हाथ बढऩा चाहिए । एक हाथ वो है जो माला जपा करते है, और एक हाथ वो है जो मदद किया करते है, मदद करने वाले हाथ माला जपने वालों से कम पवित्र नहीं हुआ करते है । मै आप लोगों से कहना चाहता हूं इबादत से पहले मदद होना चाहिए संसार में । किसी के ग़म की धारा हमारे भीतर से होकर प्रवेश ना करें तो हमारा मनुष्य होना बेकार है । मनुष्य से मनुष्य का प्रेम होना परमात्मा की सबसे बड़ी आराधना है । जितने आप भगवान के प्रति समर्पित है, आदमी आदमी के प्रति आजकल अलगाव लेकर जिया करता है । माथे पर चंदन जरूर लगाओ लेकिन की तड़पते हुए इंसान के मरहम जरूर लगाओ । चंदन से वो शीतलता नहीं मिलेगी जो किसी की मदद करने से मिलेगी । घड़े भर भर कर भगवान का अभिषेक करने वालों कभी किसी झोपडी में किसी बच्चे को एक ग्लास दूध भी पिला दिया करो । मै सोचता हूं कि हजारों दीपक के प्रकाश की भगवान को जरूरत नहीं है लेकिन किसी अंधेरी झोपडी में प्रकाश की बहुत जरूरत है । अपनी दहलीज पर ऐसा दिया जलाओ कि उसकी रोशनी तुम्हारे पड़ोस के घर में जाए, तो तुम परमात्मा की श्रेणी में आ जाओगे । एक जगह बहुत आलीशान शादी हो रही थी, बहुत से व्यंजन बने । सभी भोजन को जा रहे है, एक गरीब जो भूखा है, वो कही कनात के नीचे से अंदर चला गया, उसे लोगों ने धक्के मार कर बाहर निकाल दिया । मैं पुलक सागर कहता हूं भोजन की जरूरत उनको नहीं है जिन्हें तुम्हे बुलाया, वास्तविक जरूरत भोजन की उस भूखे को है । जब भी घर में कोई भी मांगलिक आयोजन हो, एक दिन पहले गरीबों का भोजन होना चाहिए, उसके बाद दूसरों का । सबसे ज्यादा युद्ध दुनिया में धर्म को लेकर, जाति पाति को लेकर हुए है । पैसा जब अच्छे आदमी के पास हुआ करता है तो वह सौ आदमी का उपकार करता है, लेकिन पैसा गलत आदमी के पास हो जाए तो पैसा उस आदमी को ही नहीं समाज को भी बर्बाद कर दिया करता है । आज भगवान की साक्षात् समवशरण शोभायात्रा निकलेगीचातुर्मास समिति के महामंत्री प्रकाश सिंघवी व प्रचार संयोजक विप्लव कुमार जैन ने बताया कि 31 जुलाई को होगा मोक्ष सप्तमी का ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें विशाल शोभायात्रा सर्वऋतु विलास से नगर निगम तक निकलेगी । भारत में पहली बार भगवान का साक्षात् समवशरण शोभायात्रा में निकलेगा, साथ ही कई विशाल झांकियां भी इस शोभायात्रा में रहेगी, धनपति कुबेर रत्न वर्षा करते हुए चलेंगे, कई बड़े इंद्र और अष्ट कुमारियां भी साथ में चलेगी, मुकुट सप्तमी पर ऐसा भव्य दृश्य पहली बार कही देखने को मिलेगा । जिसमें सौधर्म इंद्र श्रीपाल, दीपेश एवं पिंटू कड़वावत परिवार, धनपति कुबेर सुनील जैन परिवार अजमेर वाले, ईशान इंद्र का सुमतिलाल रांटीया परिवार होंगे । शोभायात्रा टाउन हॉल पहुंचेगी, जहां सम्मेद शिखरजी की विहंगम रचना पर प्रभु पार्श्वनाथ को 23 किलो का निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा ।इस अवसर पर विनोद फान्दोत, राजकुमार फत्तावत, शांतिलाल भोजन, आदिश खोडनिया, पारस सिंघवी, अशोक शाह, शांतिलाल मानोत, नीलकमल अजमेरा, शांतिलाल नागदा सहित उदयपुर, डूंगरपुर, सागवाड़ा, साबला, बांसवाड़ा, ऋषभदेव, खेरवाड़ा, पाणुन्द, कुण, खेरोदा, वल्लभनगर, रुंडेडा, धरियावद, भीण्डर, कानोड़, सहित कई जगहों से हजारों श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... 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