24 News Update उदयपुर, 7 मई। डॉ. मनोज कुमार महला ने कहा कि अक्षय लोकजन पत्रिका भारतीय महापुरुषों के जीवन प्रसंगों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के आलेखों से परिपूर्ण होती है। इसका लाभ बालकों से लेकर प्रौढ़ पाठकों तक सभी को मिलता है।
वे पत्रिका के एकादश वर्ष के द्वितीय अंक (अप्रैल–मई–जून) के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। डॉ. महला वर्तमान में राजस्थान कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता हैं।
इस अवसर पर पत्रिका के प्रकाशक जय किशन चौबे ने बताया कि नवीन अंक में “तिब्बत की शीर्ष धरा और वेद”, महाराणा भूपाल सिंह, वीर सावरकर, “लोकतंत्र महान कैसे बने”, “भारतवर्ष विश्व गुरु — ज्ञान, विज्ञान, कला, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में”, बाल-जगत, चित्रकला तथा भारतीय व्रत-त्योहारों से संबंधित सामग्री प्रकाशित की गई है।
पत्रिका के संपादक मनोहर लाल मून्दड़ा ने बताया कि अंक में छोटे-छोटे प्रसंगों के माध्यम से प्रेरक कथाएं भी शामिल की गई हैं, जिनमें भगवान झूलेलाल, श्री रामानुचार्य और भगवान परशुराम से जुड़े प्रसंग प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि पत्रिका का आगामी विशेषांक “हारे का सहारा खाटू श्याम” विषय पर प्रकाशित किया जाएगा, जो धर्म, संस्कृति और विज्ञान से जुड़ी सामग्री से समृद्ध होगा।
कार्यक्रम में डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती, घीसूलाल मेघवाल, सुरेश तम्बोली तथा नरेन्द्र उपाध्याय सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आलेखों से समृद्ध है अक्षय लोकजन पत्रिका : डॉ. महला

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