24 News Update ब्यावर। जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान राजस्थान का एक और जवान मातृभूमि पर न्योछावर हो गया। ब्यावर जिले के लगेतखेड़ा गांव निवासी 26 वर्षीय युवराज सिंह बुधवार को आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए। वे भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में तैनात थे। शहादत की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
शहीद के पिता प्रताप सिंह को बुधवार सुबह आर्मी हेडक्वार्टर से फोन कर घटना की जानकारी दी गई। बेटे की शहादत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में मातम छा गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे। प्रताप सिंह भाजपा के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, ऐसे में क्षेत्रभर के लोग परिवार के साथ खड़े नजर आए।
ग्रामीणों के अनुसार युवराज सिंह बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। सेना में भर्ती होकर उन्होंने अपने सपने को साकार किया था। उनकी बहादुरी और मिलनसार स्वभाव के कारण गांव में हर कोई उन्हें पसंद करता था। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र में गर्व और गम का माहौल है।
परिजनों ने बताया कि युवराज सिंह 17 फरवरी 2022 को भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। वे महज चार महीने बाद सेवा अवधि पूरी कर घर लौटने वाले थे। 15 फरवरी 2026 को वे एक महीने की छुट्टी पर गांव आए थे और 19 मार्च को वापस ड्यूटी पर लौटे थे। उस दौरान उन्होंने परिवार से कहा था कि अब केवल चार महीने की ड्यूटी बाकी है। परिवार में उनके एक छोटा भाई और एक बहन है।
परिजनों ने बताया कि 5 मई की रात ड्यूटी पर जाने से पहले युवराज ने घर पर फोन कर सभी के हालचाल पूछे थे। बुधवार सुबह परिवार ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद आ रहा था। कुछ देर बाद आर्मी हेडक्वार्टर से शहादत की सूचना मिली। शहीद युवराज सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार या शुक्रवार तक गांव पहुंचने की संभावना है। प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
अखनूर सेक्टर में शहीद हुआ ब्यावर का अग्निवीर लाल, चार महीने बाद था रिटायरमेंट

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