युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया भाग, विजेताओं को किया पुरस्कृत24 News Update उदयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल के तहत प्रारंभ किए गए पंच गौरव कार्यक्रम के तहत आमजन को जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से उदयपुर में चल रहे जिला स्तरीय पंच गौरव मेला एवं प्रदर्शनी के तहत शनिवार को विश्वप्रसिद्ध फतहसागर की पाल पर मैराथन/वॉकथन का आयोजन हुआ। जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला प्रशासन, वन विभाग और क्षेत्रीय खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मैराथन को सांख्यिकी निदेशक सुधीर दवे, संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा, खेल अधिकारी डॉ. महेश पालीवाल, सहायक वन संरक्षक सुरेखा चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन मोतीमगरी से प्रारंभ होकर तय मार्ग से गुजरते हुए टाया पैलेस पहुंचकर संपन्न हुई। कार्यक्रम में नर्सिंग संस्थान, विद्याभवन, हिंदुस्तान स्काउट-गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न संस्थानों के युवाओं व खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को उदयपुर जिले के पंच गौरव के बारे में जानकारी देते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया। उदयपुर जिले के पंच गौरव में एक जिला एक उत्पाद के तहत मार्बल एवं ग्रेनाइट, एक जिला एक खेल के रूप में तैराकी, एक जिला एक फल के तहत सीताफल, एक जिला एक वनस्पति प्रजाति के तहत महुआ तथा एक जिला एक गंतव्य के तहत फतहसागर और पिछोला झील के बारे में संपूर्ण जानकारी देते हुए इन गौरवों के संरक्षण, संवर्धन और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। संचालन स्वीप प्रकोष्ठ प्रभारी देवीलाल गर्ग ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव के नाम सजेगी भक्ति की संध्या 15 को 108 दीपकों से होगी महाआरती स्वास्थ्य, उद्योग और कृषि में बायोटेक्नोलॉजी की संभावनाओं पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन, 45 शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोधपत्र