उदयपुर, 22 मार्च। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के तत्वावधान में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 के उपलक्ष्य में शनिवार को आयोजित भव्य शोभायात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर की सड़कों पर आस्था, उत्साह और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरा उदयपुर भगवामय नजर आया। शोभायात्रा भंडारी दर्शक मंडप (गांधी ग्राउंड) से प्रारंभ होकर चेतक, हाथीपोल, देहलीगेट, बापूबाजार और सूरजपोल जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए टाउन हॉल नगर निगम प्रांगण की ओर अग्रसर रही। यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा में मातृशक्ति मंगल कलश धारण कर मंगलाचार गाते हुए आगे बढ़ी, वहीं विभिन्न समाजों की आकर्षक झांकियां, अखाड़े, धार्मिक ध्वज और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर भारतीय नववर्ष के उल्लास को जीवंत करते नजर आए। ✨ झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में ऊंट, घोड़े और बग्घियों के साथ विभिन्न विषयों पर आधारित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। आर्य समाज की झांकी, पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती झांकी, माता शबरी तथा जनजातीय समाज द्वारा प्रस्तुत भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण से जुड़ी झांकियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। ⚔️ खड़ग धारण करती मातृशक्ति करीब 500 से अधिक मातृशक्ति खड़ग धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुई, जिसने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। 🔥 संस्कृति की झलक शोभायात्रा में वैदिक परंपरा को दर्शाती हवन करती हुई झांकी विशेष आकर्षण रही, जिसने भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाया। धर्मसभा के दौरान पूज्य संतों को धनुष-बाण स्मृति स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं जनजातीय समाज की ओर से प्रस्तुत भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं जनजातीय वीरों की झांकी के कलाकारों का मंच पर विशेष स्वागत किया गया। धर्मसभा में पूज्य संतों को धनुष-बाण स्मृति स्वरूप भेंट कर सम्मानित किया गया।वहीं जनजातीय समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं जनजातीय वीरों की झांकी प्रस्तुत की गई। इस झांकी के कलाकारों का मंच पर स्वागत किया गया। धर्मसभा में संतों के उद्बोधन धर्मसभा में परमपूज्य ब्रह्मचारी श्री श्री गुरु गुलाबदास जी महाराज (मांकड़ादेव धाम, झाड़ोल) ने अपने उद्बोधन में भारतीय नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्व के बोध का संदेश दिया। वहीं परमपूज्य श्री ज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज (कैलाश टेकरी, खमनोर) ने अपने उद्बोधन में कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। इसके पश्चात समिति के संयोजक डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन विकास छाजेड़ एवं कवि डॉ. वैभव भल्लार द्वारा किया गया। अंत मे रेपरिया बालम फेम अशोक विश्नोई एवं टोली ने विभिन्न देशभक्ति एवं राजस्थानी गीत, संगीत के माध्यम से प्रस्तुति दी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मंदिर के पास का खतरनाक अंधा मोड़ बना मौतों का कारण, रूपनगर-भुवाणा के लोगों ने जताई गहरी चिंता, मंदिर शिफ्टिंग का प्रस्ताव “भटेवर में एल्युमीनियम फैक्ट्री में भीषण आग”- 2 घंटे की मशक्कत के बाद काबू, लाखों का नुकसान