24 News Update उदयपुर। विक्रम संवत नववर्ष एवं रामनवमी के पावन अवसर पर शहर के हिरण मगरी क्षेत्र में शौर्य, शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। [संस्था का नाम] द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम श्रृंखला के तहत ‘सशस्त्र गरबा’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक संस्कृति और मार्शल आर्ट का आकर्षक समावेश रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सनातन परंपरा के अनुसार विधि-विधान से कन्या पूजन और सामूहिक शस्त्र पूजन के साथ हुई। इसके बाद प्रस्तुत की गई ‘दशावतार’ नृत्य नाटिका ने दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा पर ले गया, जिसमें भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों का जीवंत मंचन किया गया। वहीं ‘महिषासुर मर्दिनी’ नाटिका में माँ दुर्गा के पराक्रम और असुर वध का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने पूरे माहौल को ऊर्जावान बना दिया।
कार्यक्रम में युवाओं द्वारा पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन और शस्त्र संचालन के हैरतअंगेज करतबों ने विशेष आकर्षण बटोरा। इन प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि आत्मरक्षा और अनुशासन का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर मंगलेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी अर्जुन लाला जी शर्मा का सानिध्य प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथियों में प्रसिद्ध चित्रकार पुष्कर लोहार, उपभोक्ता संरक्षण मंच के न्यायाधीश भारत भूषण ओझा, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के व्याख्याता एवं वरिष्ठ पत्रकार, तथा भवानी प्रसाद झाला शामिल रहे। अतिथियों ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रभावना और शस्त्र-शास्त्र के संतुलन की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
आयोजन समिति के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है। समापन पर भव्य महाआरती के साथ श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं मातृशक्ति की उपस्थिति रही।
रामनवमी पर ‘सशस्त्र गरबा’ का भव्य आयोजन, शौर्य और संस्कृति का अद्भुत संगम

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