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सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल गिरफ्तारी कर ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार, चित्तौड़गढ़ साइबर थाना पुलिस ने दिल्ली और यूपी से तीन आरोपी पकड़े, एक बाल अपचारी डिटेन

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24 News Update निम्बाहेड़ा (कविता पारख)। चित्तौड़गढ़ साइबर थाना पुलिस ने सीबीआई अधिकारी और फर्जी न्यायालय बनाकर डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) के जरिए लाखों रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन आरोपियों को दिल्ली और उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया, जबकि एक बाल अपचारी को डिटेन किया गया है।

बड़ीसादड़ी निवासी से 27.80 लाख की ठगी
पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर को बड़ीसादड़ी निवासी एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 सितंबर को उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर खुद को ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताया। कॉलर ने कहा कि प्रार्थी के नाम से मुंबई में सिम कार्ड लिया गया है और उस पर एफआईआर दर्ज है।
इसके बाद कॉल मुंबई के एक कथित सीबीआई अधिकारी से जोड़ दिया गया, जिसने वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी में खुद को अधिकारी बताते हुए कहा कि प्रार्थी के खिलाफ सीबीआई में मामला दर्ज है, जिसमें एक व्यक्ति का एनकाउंटर हो चुका है और उसके पास से ऐसा एटीएम कार्ड मिला है जिसमें प्रार्थी का नाम है।

फर्जी अधिकारी ने वीडियो कॉल पर कथित ‘कोर्ट पेशी’ दिखाई और फर्जी न्यायालय आदेश के आधार पर प्रार्थी से उसकी एफडी (Fixed Deposit) ₹27.80 लाख तुड़वाकर फ्रॉड खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी (IPS) ने साइबर अपराधों की रोकथाम के निर्देश दिए। एएसपी सरिता सिंह और डीएसपी गिरिराज गर्ग के सुपरविजन में, थाना प्रभारी निरीक्षक पोखरमल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने गाजियाबाद और दिल्ली में दबिश देकर तीन आरोपियों —
आशीष तिवारी पुत्र उमेश चन्द्र तिवारी (एल-303, सेक्टर 12, प्रताप विहार, गाजियाबाद, यूपी)
दीपक पाराशर पुत्र आनंद पाराशर (सी-499, योजना विहार, शकरपुर, ईस्ट दिल्ली)
मोहम्मद शाकिब उर्फ शिवा पुत्र अब्दुल खालिक अंसारी (गोंडे, थाना चिलबिला सदर, प्रतापगढ़, यूपी) — को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा एक बाल अपचारी को भी दिल्ली से निरुद्ध किया गया।

ठगी का तरीका (Modus Operandi)
आरोपी खुद को सीबीआई या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे कि उनके खिलाफ गंभीर प्रकरण दर्ज है। इसके बाद उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” दिखाकर वीडियो कॉल के जरिए फर्जी कोर्ट ट्रायल करते और APK फाइल इंस्टॉल करवाकर मोबाइल फोन हैक कर खाते से रकम उड़ा लेते थे।
पुलिस टीम
कार्रवाई में डीएसपी गिरिराज गर्ग, निरीक्षक पोखरमल, साइबर सेल हेड कांस्टेबल राजकुमार, देव शर्मा, ललिता, रामनिवास, धर्मपाल, गणपत, महेंद्र, मुकेश, संदीप, संजय, अजित गढ़वाल, निर्मल और स्वाति सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।

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