24 News Update उदयपुर : भारत के सबसे शानदार संगीत उत्सव में शुमार वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल इस साल अपनी कामयाबी के 10 साल पूरे कर रहा है। इस बार यह सिर्फ़ एक आयोजन नहीं है, बल्कि यादों को संजोने और जश्न मनाने का एक खूबसूरत मौका है। संगीत के इस सफ़र की शुरुआत एक छोटी सी सोच के साथ हुई थी कि संगीत में पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरोने की ताकत है। हिंदुस्तान ज़िंक द्वारा समर्थित एवं सेहर द्वारा परिकल्पित, राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से यह फ़ेस्टिवल 6 से 8 फ़रवरी तक उदयपुर की फ़िज़ाओं में गूँजेगा। यह आयोजन एक ऐसे सांस्कृतिक सफ़र में दर्शकों का स्वागत करता है जो धुनों, कहानियों, और सभी के जज़्बातों से सराबोर है।इस उत्सव की आत्मा में एक गहरी सोच बसी है-दुनिया भर के संगीत को भारतीय श्रोताओं से जोड़ना और साथ ही राजस्थान की लुप्त होती वाद्य कला और पारंपरिक धुनों को सहेजना और उन्हें बढ़ावा देना। वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल देश का एकमात्र फ़ेस्टिवल है, जो दिन के तीन प्रहरों के अनुसार डिज़ाइन किया गया है।इस बार फ़ेस्टिवल के तीन में 10 से ज़्यादा देशों के 20 बैंड शामिल होंगे, जो दुनिया भर की संगीत विरासतों की एक अनूठी झलक पेश करेंगे। लोक-पारंपरिक से वैश्विक धुनों तक, देश-विदेश के कलाकार संगीत की विविधता और इंसानियत की एकता का उत्सव मनाएंगे।यह फ़ेस्टिवल उदयपुर की तीन मशहूर जगहों पर आयोजित किया जाएगा। हर जगह का अपना एक अलग मूड और संगीत होगा। शुरुआत मांजी का घाट से होगी, जहाँ सुबह के समय घाट के खूबसूरत नज़ारे और शांत पानी के किनारे ध्यान और मन को शांत करने वाला संगीत गूँजेगा। दोपहर को फ़तेहसागर पाल पर रूमानी और भावपूर्ण संगीत से रूबरू होंगे। इससे झील के किनारे गीतों के ज़रिए होती किस्सागोई, आपसी जुड़ाव, और अपनेपन का एक खूबसूरत माहौल तैयार होगा। फ़ेस्टिवल का हर दिन गाँधी ग्राउंड में अपने चरम पर पहुँचेगा। यहाँ की जोशीली धुनें, नए दौर के गीत और पॉप संगीत पूरे माहौल को ताल, नृत्य, और सामूहिक जश्न में तब्दील कर देंगे।सेहर के संस्थापक संजीव भार्गव ने इस सफ़र के दस सालों को याद करते हुए कहा कि “वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल के दस साल का सफ़र पूरा करना हम सबके लिए एक बेहद भावुक और सुकून देने वाला अनुभव है। हमने इस साधारण-सी सोच के साथ शुरुआत की थी कि दुनिया भर के संगीत को एक खुले, अपनेपन से भरे, और सांस्कृति विरासत से सजे माहौल में लोगों तक पहुँचाया जाए। आज यह फे़स्टिवल भाईचारे, विविधता, और इंसानी जज़्बातों के संगम का वैश्विक जश्न बन गया है। अपनी सदाबहार खूबसूरती और सभी का स्वागत करने की अपनी खास परंपरा वाला उदयपुर, इस सफ़र का एक बेहतरीन साथी रहा है। दस साल पूरे होने के इस मौके पर, हम देश-विदेश के कलाकारों और संगीत प्रेमियों का फिर से स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं, ताकि हम सच्चे संगीत के आनंद का भरपूर जश्न मना सकें।वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल, ‘ध्वनियों में बुनी कहानियों’ के अपने 10 साल पूरे कर रहा है। इस सफर में, यह बड़ी सहजता से भारत के सबसे अनूठे सांस्कृतिक समारोहों में अपनी जगह बना चुका है। उदयपुर की झीलों, घाटों और ऐतिहासिक विरासतों के बीच यह फ़ेस्टिवल देश-विदेश के कलाकारों और संगीत प्रेमियों को एक मंच पर लाता है। यहाँ एक ऐसी दुनिया रचती है जहाँ परंपराओं का मिलन होता है, संस्कृतियाँ आपस में संवाद करती हैं, और संगीत सरहदों से परे एक वैश्विक भाषा बन जाता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कार के शीशे तोड़कर 3 आरोपी तालाब से भाग जाएंगे, मगर कसम कानून की खाते हैं, चेहरा नहीं दिखाएंगे!!! भारत के अग्निशमन कार्मिकों का राष्ट्रीय टूर्नामेंट 26 जनवरी से, आज़ाद भारत में पहली बार, मेवाड़ रचेगा इतिहास — 1500 से अधिक अग्निशमन अधिकारी-कर्मचारी लेंगे भाग