24 News Update पंजाब। पंजाब में एक अफसर की मौत ने सत्ता के आत्मविश्वास को हिला दिया है। अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने सल्फास खाकर जान दे दी, लेकिन उससे पहले जारी किए गए महज 12 सेकेंड के वीडियो ने ऐसा सियासी तूफान खड़ा कर दिया, जिसमें सीधे तौर पर परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम उछला। “मिनिस्टर के डर से…”—इन शब्दों ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ा, बल्कि सरकार को भी कठघरे में ला खड़ा किया।घटना के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तेजी दिखाते हुए मंत्री भुल्लर से इस्तीफा ले लिया और मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी। चंडीगढ़ में CM ने कहा कि सच्चाई सामने आने तक निष्पक्ष जांच जरूरी है, इसलिए यह कदम उठाया गया। हालांकि, सियासी गलियारों में यह सवाल तैर रहा है कि क्या यह कार्रवाई समय रहते हुई या फिर नुकसान के बाद उठाया गया ‘सुरक्षात्मक कदम’ भर है।मंत्री लालजीत भुल्लर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि जांच को प्रभावित न करने के लिए उन्होंने पद छोड़ा है। लेकिन विपक्ष इसे ‘इस्तीफा नहीं, दबाव का परिणाम’ बता रहा है। कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला और अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया है कि वेयरहाउस टेंडर को लेकर मंत्री पक्ष की ओर से दबाव बनाया गया। यहां तक कि रंधावा को कथित तौर पर घर बुलाकर अपमानित किया गया, मारपीट हुई और परिवार को धमकियां दी गईं—ऐसे आरोप अगर सही साबित होते हैं, तो यह महज प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग की गंभीर मिसाल बन सकते हैं।उधर, मृतक के परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक मंत्री के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ का मामला दर्ज नहीं होगा, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। दोस्तों का आरोप है कि पुलिस जल्दबाजी में शव हटाने की कोशिश कर रही है, जिससे शक और गहराता जा रहा है। वहीं, औजला ने पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, CCTV फुटेज जब्त करने और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर परिवार पर दबाव बनाया गया, तो पुलिस अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर वही कड़वा सच सामने रख दिया है—जब सत्ता का प्रभाव डर में बदल जाए, तो ईमानदार अफसरों के लिए सिस्टम में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। अब नजर जांच पर है, लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच सच सामने लाएगी या फिर सच भी फाइलों के बोझ तले दब जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रेलवे का ‘स्टेशन रीसेट’ प्लान: भीड़ पर कंट्रोल, हर कदम पर कैमरा, और एंट्री अब टिकट से ही तय 16,398 किमी रेल ट्रैक पर सुरक्षा कवच, हाई-स्पीड रूट्स पर फेंसिंग से अतिक्रमण पर लगाम