24 न्यज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर-पिंडवाडा नेशनल हाइवे 27 पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों ( ब्लैक स्पॉट) के सुधारीकरण व निवारण के लिए करीब 99 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृत जारी की है। स्वीकृति पत्र उदयपुर के सांसद डॉ. मन्नालाल रावत को भी प्रेषित किया गया हैं सांसद रावत ने इस संबंध में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के उदयपुर में जीएसटी कार्यालय के नए भवन के लोकार्पण समारोह में कल बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से पिंडवाडा हाइवे के लिए राशि स्वीकृति का पत्र मिला है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 में कुछ स्थान दुर्घटना की दृष्टि से ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं जिनका तत्काल समाधान, निराकरण एवं सुधारीकरण आवश्यक है। अब सबसे बडा सवाल यह बनता है कि आखिर ये स्थान ब्लैक स्पोट क्यों बने। लोगों का कहना है कि निर्माण के समय ही सही ढाल नहीं होना विकट माड होना, बाइपास का रास्ता नहीं देना आदि पर उन्होंने ध्यान दिलाया था मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद बरसों बरस से यहां पर भीषण हादसे हो रहे हैं। गोगुंदा गांव के निकट जामुडिया की नाल, जगालिया मोड (गोगुंदा), पिका / बेकरिया मार्ग ऐसे ही ब्लैक स्पॉट हैं। अब वहां पर सर्विस रोड बनाएंगे, जंक्शन में सुधार करेंगे, यातायात संकेत लगाने के साथ ही सुरक्षा के प्रबंध करेंगे। इस हाइवे पर ब्लैक स्पॉट खतरनाक हो गए हैं। हाईवे पर लम्बे-लम्बे ढलान हैं। मगर सवाल ये है कि ये ढलान अचानक तो नहीं बने। जब सडक बन रही थी तब विशेषज्ञ कहां पर थे। वो कौन लोग थे जिन्होंने यह जोखिम भरा काम किया व करने दिया। उनको क्या पनिशमेंट मिलेगा। अब जबकि ब्लैक स्पॉट पर नए सिरे से काम हो जाएगा तो यह भी राज ही रह जाएगा कि क्या कारण था कि इस तरह के लूपहॉल करोडों के हाईवे को बनाते समय छोड दिए गए।
99 करोड़ में मिट जाएंगे भ्रष्टाचार के नामोनिशां, ब्लैक स्पॉट पर हादसों के लिए जिम्मेदार कौन?

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