24 News Update जयपुर। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत पीसीपीएनडीटी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध भ्रूण लिंग जांच के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने के मामले में एक डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी गर्भवती महिलाओं से मोटी रकम वसूलकर भ्रूण का लिंग बताते थे। एक मामले में महिला से 80 हजार रुपए लेकर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जानकारी दी गई।
डॉ. अमित यादव (निदेशक, NHM) ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए अवैध लिंग जांच का नेटवर्क सक्रिय है।
सूचना के आधार पर एडिशनल एसपी डॉ. हेमंत जाखड़ के नेतृत्व में सीआई सत्यपाल यादव की टीम ने डिकॉय ऑपरेशन चलाया। इस दौरान एक महिला को ग्राहक बनाकर मुहाना स्थित केसर चौराहा के पास कुबेर हेल्थ केयर बुलाया गया, जहां डॉ. शेर सिंह राजावत ने जांच के नाम पर 80 हजार रुपए मांगे।
इसके बाद महिला को एक दलाल के जरिए सांगानेर क्षेत्र में दूसरे स्थान पर भेजा गया, जहां से उसे एक फ्लैट में ले जाकर जांच की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान टीम ने दबिश देकर मौके से आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में 41 वर्षीय हरी कुमावत, 50 वर्षीय शिला देवी और 48 वर्षीय डॉ. शेर सिंह राजावत शामिल हैं, जबकि एक अन्य आरोपी जगबीर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
डॉ. राकेश मीणा ने बताया कि मुख्य आरोपी हरी कुमावत केवल 10वीं पास है, लेकिन वह पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से भ्रूण लिंग जांच करता था। अन्य आरोपी भी महिलाओं को इस नेटवर्क तक पहुंचाने में शामिल थे।
टीम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही डॉक्टर द्वारा प्रस्तुत डिग्री की भी जांच की जा रही है।
80 हजार में ‘लिंग जांच’ का काला खेल बेनकाब, पोर्टेबल सोनोग्राफी से भ्रूण की पहचान, जयपुर में डॉक्टर सहित 3 गिरफ्तार

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