24 News Update उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर की 21वीं अनुसंधान परिषद की बैठक सोमवार को अनुसंधान निदेशालय में कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श हुआ और विशेषज्ञों ने विश्वविद्यालय के भविष्य के अनुसंधान दिशा-निर्देशों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
कुलपति डॉ. कर्नाटक ने कहा कि विश्वविद्यालय कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। पिछले दो वर्षों में विश्वविद्यालय ने मक्का, मूंगफली एवं अफीम की उन्नत किस्मों का विकास किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर 34 व्यक्तिगत सम्मान और 2 परियोजनाओं को पुरस्कार प्राप्त हुए हैं तथा कई संस्थानों से समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान कार्य हितधारकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए, जिससे उत्पादक, विपणनकर्ता और उपभोक्ता सभी को लाभ मिल सके। उन्होंने नई तकनीक और पेटेंट्स के माध्यम से विश्वविद्यालय की आय में वृद्धि की संभावना जताई।
विशेषज्ञों के विचार
बैठक में आमंत्रित विशेषज्ञ डॉ. एस. के. शर्मा, सहायक महानिदेशक (मानव संसाधन), भा.कृ.अ.प., नई दिल्ली ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को क्षेत्रीय कृषि उत्पादों के विकास और मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल उपयोग क्षमता, नवीकरणीय ऊर्जा, मक्का से एथेनॉल उत्पादन और कम उपजाऊ भूमि के दोहन पर अनुसंधान की आवश्यकता बताई। उन्होंने विश्वविद्यालय के हर फार्म पर प्रजनक बीज उत्पादन और अनुसंधान निष्कर्षों को समाज तक पहुँचाने पर बल दिया।
डॉ. उमा शंकर शर्मा, पूर्व कुलपति, एमपीयूएटी, उदयपुर ने जलवायु परिवर्तन को कृषि के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि समेकित कृषि प्रणाली अब केवल अनाज आधारित न होकर उद्यानिकी फसल और पशुपालन आधारित होनी चाहिए ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने मशरूम उत्पादन को सालभर की खेती में शामिल करने, स्थानीय सब्जियों पर उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना और शस्य-वानिकी फसलों पर अनुसंधान बढ़ाने की सलाह दी।
अनुसंधान कार्यों की प्रस्तुति
अनुसंधान निदेशक डॉ. अरविन्द वर्मा ने विगत बैठक में लिये गए निर्णयों की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की और विश्वविद्यालय के पिछले दो वर्षों के अनुसंधान कार्यों का विवरण दिया।
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अमित त्रिवेदी और बांसवाड़ा केन्द्र के निदेशक डॉ. हरगिलास मीणा ने अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी।
बीज नीति बुलेटिन का विमोचन
बैठक के दौरान अनुसंधान निदेशालय के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार बीज नीति बुलेटिन का विमोचन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के निदेशक, संघटक महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों के निदेशक, परियोजना प्रभारी, विभागाध्यक्ष एवं कृषि विभाग राजस्थान सरकार के अधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी जनसंपर्क प्रभारी डॉ. जीएल मीना ने दी।
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