24 News Update नई दिल्ली। ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़े स्तर पर कदम उठाते हुए देशभर में 16,398 किलोमीटर रेल पटरियों के किनारे सुरक्षा घेराबंदी (फेंसिंग) का कार्य पूरा कर लिया है। यह पहल खास तौर पर उन मार्गों पर केंद्रित है, जहां ट्रेनों की गति 110 किमी प्रति घंटे से अधिक रहती है और अतिक्रमण की आशंका बनी रहती है।रेलवे के अनुसार, फेंसिंग का मकसद न सिर्फ ट्रैक पर अवैध प्रवेश रोकना है, बल्कि मवेशियों, पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही को नियंत्रित कर हादसों में कमी लाना भी है। इसके साथ ही जरूरत के मुताबिक पैदल यात्री सबवे भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित हो सके।जोनवार आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर मध्य रेलवे सबसे आगे है, जहां 2,721 किमी फेंसिंग की जा चुकी है। इसके बाद दक्षिण मध्य रेलवे में 2,326 किमी और पश्चिमी रेलवे में 2,257 किमी सुरक्षा घेराबंदी का कार्य पूरा हुआ है। उत्तर पश्चिम रेलवे में 1,539 किमी और पश्चिम मध्य रेलवे में 1,415 किमी फेंसिंग दर्ज की गई है, जबकि अन्य जोनों में भी चरणबद्ध तरीके से काम जारी है।इसी क्रम में महाराष्ट्र के व्यस्त लोनावला–पुणे–दौंड रेलखंड पर ₹209.38 करोड़ की लागत से व्यापक सुरक्षा परियोजना संचालित की जा रही है। इस परियोजना के तहत कुल 290 किमी में फेंसिंग और पैदल यात्री सबवे का निर्माण प्रस्तावित है, जिसमें से करीब 150 किमी का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष हिस्से पर काम प्रगति पर है और पूरी लंबाई के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।रेलवे का मानना है कि इस तरह की संरचनात्मक सुरक्षा व्यवस्था से न केवल ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता बनी रहेगी, बल्कि अनियंत्रित क्रॉसिंग से होने वाली दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और संवेदनशील रेलखंडों को प्राथमिकता दी जा रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 12 सेकेंड के वीडियो से सत्ता में भूचाल: अफसर की मौत के बाद सीएम ने लिया मंत्री का इस्तीफा अविमुक्तेश्वरानंद ने किया ‘चतुरंगिणी सेना’ का शंखनाद, 2.18 लाख स्वयंसेवक, पहले टोको, फिर रोको, अंत में ठोको नीति पर करेंगे काम