24 न्यूज अपडेट. नई दिल्ली। एस्ट्राजेनेका कंपनी की वैक्सीन जो कोविड काल में कोवीशील्ड के नाम से भारत में बनाई गई उसे लेकर कल से घमासान मचा हुआ है। इस कंपनी ने कल इंग्लेण्ड के कोर्ट में स्वीकार किया कि वैक्सीन से हृदयाघात जैसे परेशानी हो सकती है। जैसा कि सबको पता है भारत में भी पिछले तीन साल से ऐसे कई मामले सामने आए जिसमें अचानक हार्ट अटैक से कई युवाओं की मौत हो गई। उनमें से कई लोगों को कोराना होकर ठीक हो गया था। अब सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड की जांच के लिए एक याचिका दाखिल की गई। इसमें कहा गया है कि कोवीशील्ड के साइड इफेक्ट्स की जांच करने के लिए एक्सपर्ट पैनल बनाने का निर्देश जारी किया जाए। याचिका एडवोकेट विशाल तिवारी ने लगाई है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लगाने के बाद किसी को नुकसान पहुंचा तो उन्हें हर्जाना देने का सिस्टम बनाया जाए। याचिका में कोवीशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए मेडिकल एक्सपर्ट्स का पैनल बनाने के निर्देश जारी करने की मांग की गई। एक्सपर्ट पैनल इस बात की जांच करे कि कोवीशील्ड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स हैं क्या? अगर हैं तो वो कितने गंभीर हैं? अगर वैक्सीन लगाने के बाद किसी को गंभीर नुकसान पहुंचा हो तो केंद्र को निर्देश दिए जाएं कि वो ऐसे लोगों को हर्जाना देने के लिए वैक्सीन डैमेज पेमेंट सिस्टम बनाए।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कोविशील्ड साइड इफेक्ट मामला, गंभीर नुकसान वालों को सरकार से हर्जाना दिलाने की मांग

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