24 न्यूज़ अपडेट आज शनिवार 22 मार्च को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वाणिज्य महाविद्यालय में बैंकिंग एवं व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग में एक देश-एक चुनाव के भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव विषय पर परिचर्चा हुई। विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शैलेंद्र सिंह राव ने बताया कि एक देश-एक चुनाव होने से चुनाव में होने वाला खर्च काफी कम होगा और बार-बार चुनाव के कारण लगने वाली आचार संहिता से जनता के कार्य प्रभावित हो रहे है, उनमें भी कमी आएगी और सरकार को भी अपने कार्य करने में सुगमता रहेगी और इसमें जनता की भागीदारी भी बढ़ेगी। एक देश-एक चुनाव युवाओं के लिए भी राजनीति में अवसर पैदा करेंगे। स्थानीय पार्टी की भागीदारी भी इसमें मजबूत रहेगी व उन्हें एक बड़ा मंच मिलेगा। चर्चा में यह भी आया कि एक देश एक चुनाव के लिए 80% सुझावों ने इसे सकारात्मक रूप से पक्ष में जवाब दिया और इसमें अधिकतम राजनीतिक पार्टी समर्थन में है।
चर्चा में कुछ विचार के मुद्दे भी सामने आए जैसे की
अगर कोई भी सरकार अपने कार्यकाल को किसी कारणवश पूरा नही कर पाती है तो उस दिशा में भी स्पष्ट गाइडलाइन होनी चाहिए।
- किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत न मिले उस स्थिति में क्या होगा।
- उप चुनाव की प्रक्रिया कैसे रहेगी।
चुनाव की प्रक्रिया कितनी लंबी होगी।
जैसे विषयो पर स्पष्ठता की कमी सामने आई।
चर्चा में व्यावसायिक प्रशासन विभाग की सहायक आचार्य डॉ रेनू शर्मा ने भी अपने विचार रखें। विभाग के शोधार्थी सांवरमल, प्रेक्षा टनन, ऐश्वर्या भारद्वाज, मोहम्मद शकील, सुरेन्द्र दाहिमा, सुधांशु टेलर, गौरव सिंह, खुशाली जैन, पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ साथ मे विभिन्न विभागों के शोधार्थी उपस्थित रहे।
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