चित्तौड़गढ़। गर्मी आते ही हर तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है। पीने के पानी का जुगड़ करना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भी कुछ लोग पानी की तस्करी का खुला खेल चला रहे हैं। पहले अवैध रूप से खुदे हुए ट्यूबवैल से पानी लेकर टेकरों में पानी भेजना आम बात थी मगर अब तो पानी की सप्लाई सीमेंट लेकर जाने वाले बल्करों में होने लगी है। ऐसा ही एक मामला आज पकड़ में आया। अवैध भू-जल दोहन की कार्रवाई के तीसरे दिन बोजुंदा में सीमेंट से ईंट बनाने की फैक्ट्री के पास भारी मात्रा में भारी-भारी बल्करों में पानी भरा जा रहा था। प्रशासन की ओर से बनाई गई टीम ने इस पर कार्रवाई की तो लोग सीनाजोरी करते हुए विरोध में आ गए। यही नहीं खातेदारों ने बिजली विभाग से कनेक्शन के लिए सिर्फ आवेदन किया है और इसी आधार पर भू-जल दोहन भी शुरू कर दिया है। कनेक्शन भी अलग नाम से लिए जाने की भी बात सामने आई हैं बताया गया कि जिला कलेक्टर के आदेश पर बनाई टीम की ओर अवैध भू-जल दोहन की कार्रवाई लगातार चल रही है। बोजुंदा में बड़े बड़े बल्करों में पानी भरने की सूचना मिली। कार्रवाई को रोकने के लिए वहां के खातेदारों ने कई अन्य लोगों को भी एकत्रित कर लिया। उस दौरान सिर्फ दो ही पुलिसकर्मी ही पहुंचे थे। मौके से बल्करों को भगा ले जाने की कोशिश भी की गई मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। ओछड़ी सरपंच और उसके साथियों ने वहां माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन उनकी भी एक नहीं चली। मौके पर पहुंचे बस्सी के तहसीलदार और बिजली विभाग की टीम ने कार्रवाई की। बस्सी तहसीलदार गजेंद्र सिंह ने बताया कि दो बल्कर पानी से भरे हुए थे जबकि एक खाली मिला। मौके पर बिजली विभाग के जेईएन दिनेश चंद्र गवारिया मौके पहुंचे। यहां दो ट्यूबवेल के लिए एक ही अस्थाई कनेक्शन लिया गया है। एक और ट्यूबवेल कनेक्शन जिसे ईंट भट्टों के लिए लिया गया था, उससे भी बल्करों में पानी भरा जा रहा था। तहसीलदार ने बताया कि अंदर ट्यूबवेल से पानी भरे जाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेज दी गई है।
सीमेंट के बल्करों में हो रही है पानी की तस्करी

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