24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। नेता और अफसर मिलनरल वाटर का आनंद ले रहे हैं और जनता के हिस्से में आ रहा है पीला, मटमैला, बदबूदार, कीड़े वाला पानी। ऐसा पानी जिसे पीकर कई लोगों को पीलिया हो चुका है, कई अतिसार से पीडित हो चुके हैं। एक घूंट तक हलक से नहीं उतरता, उतरता है तो उल्टी आने लगती है। फर्ज करें यदि यह पानी वोट लेकर संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं के घरों पर या फिर कलेक्टर-एसपी साहब के घर पर सप्लाई हो तो क्या हाल होगा? लोग शिकायत कर तंग आ चुके हैं। शोर मचने पर अफसर आते हैं, सेंपल ले जाते हैं, रिपोर्ट कभी नहीं आती। लोग चिल्लालते रह जाते हैं। समाधान नहीं होता। प्रचंड गर्मी में इन लोगों को आज कलक्ट्रेट आकर अपनी व्यथा कहनी पडी। साथ में ये वो बोतल भी सुबूत के तौर पर लाए जिसे देख कर ही कई लोगों के पसीने छूट जाएं, पीना तो दूर की बात है। स्मार्ट सिटी में करोडों खर्च करने के बाद ऐसा पानी नसीब होगा यह किसी ने नहीं सोचा था। समस्या यह है कि समस्या हल ही नहीं होती या किसी की दिलचस्पी ही नहीं है। लोगों को अपने हाल पर छोड़ देने वाले नेता और अफसरों को कोई चिंता नहीं है क्योंकि ऐसी सप्लाई करने पर किसी पर कभी कोई कार्रवाई होती ही नहीं है। चाँदपोल इलाके में यह पानी सप्लाई हो रहा है, अब लोगों को उम्मीद है कि जिला कलेक्टर शायद कुछ करेंगे। वैसे कलेक्टर साहब जो दूरस्थ गांवों में पेयजल की व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे पहुंचे थे, वे अपने ऑफिस से चंद फर्लांग दूर हो रहे इस जल दुराचार पर एक्शन जरूर लेंगे सबको यही उम्मीद है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व सदस्य, झील विकास प्राधिकरण तेज शंकर पालीवाल सहित क्षेत्रवासी मौजूद थे।
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