24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि एक शख्स जो इस्लाम को मानता है, उसके पास लिव इन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। वो अधिकार तब तो बिल्कुल भी नहीं दिया अगर उसकी पत्नी पहले से हो। कोर्ट में एक मुस्लिम शख्स ने हिंदू महिला के साथ लिव इन में रहने के परमिषन मांगी थी। मगर उसकी शादी मुस्लिम महिला से पहले ही हो चुकी है व पांच साल की बेटी हैं। हाई कोर्ट ने कहा किएक शख्स जो इस्लाम को मानता हूं, उसके पास लिव इन में रहने का कोई अधिकार नहीं है, वो अधिकार तब तो बिल्कुल भी नहीं दिया जा सकता अगर उसकी पत्नी पहले से हो। इस मामले में याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसकी मुस्लिम महिला को इस लिव इन रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं है। क्योंकि वो खुद कुछ बीमारियों से जूझ रही है। बाद में जानकारी मिली कि शख्स ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया है। कोर्ट को ये भी पता चला कि उसकी पत्नी उसके पास नहीं, मुंबई में अपने सास-ससुर के साथ रह रही है।
मुसलमान लिव इन में रहने का अधिकार नहीं मांग सकताः इलाहाबाद हाईकोर्ट

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