24 न्यूज अपडेट उदयपुर। राज्य मानवाधिकार आयोग ने एसीआर लंबित बता सेवानिवृत्त कर्मचारी को परिलाभ देने से इंकार करने पर कॉलेज शिक्षा विभाग को संबंधित कार्मिक को समस्त परिलाभ मय 9 प्रतिशत ब्याज के भुगतान करने के आदेश दिए है। साथ ही परिवादी को 50 हजार की जुर्माना राशि भी देने के निर्देश दिए है। जानकारी के अनुसार परिवादी दलपत सिंह झाला ने गत 28 मार्च को राज्य आयोग द्वारा उदयपुर में आयोजित कैम्प कोर्ट में प्रतिवेदन दिया कि वे राजकीय महाविद्यालय झाड़ोल में बतौर कनिष्ठ सहायक कार्यरत थे तथा जनवरी 2023 में राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। परिवादी ने बताया कि विभाग ने वार्षिक प्रतिवेदन अनुपलब्ध बता सेवानिवृत्ति के समस्त परिलाभ भुगतान नहीं किये। जबकि महाविद्यालय से वर्षवार वार्षिक प्रतिवेदन आयुक्तालय को भेजे गये हैं जिनके अग्रेषित पत्रों की छाया प्रतियां भी प्रस्तुत आयोग को प्रस्तुत की गई। उक्त परिवाद पर राज्य आयोग के आदेश दिनांक 28 मार्च, 2024 द्वारा प्रसंज्ञान लेकर आयुक्त, कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर को निर्देशित किया गया कि, प्रकरण के तथ्यों की निष्पक्ष जांच करवाकर किसी विज्ञ अधिकारी को तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ आगामी पेशी पर आयोग के समक्ष व्यक्तिश: उपस्थित होकर प्रकरण स्थिति स्पष्ट करने हेतु निर्देशित किया जाए। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय का रवैया असहयोगात्मक, 9 प्रतिशत ब्याज के साथ को प्रार्थी को परिलाभों का भुगतान आयोग ने कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय का पक्ष जानने के बाद आदेश देते हुए कहा कि सभी तथ्यों से स्पष्ट है कि आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा ने परिवादी के प्रकरण निस्तारण में सहयोग करने के बजाय पत्रावली को लौटा-फेरी कर प्रकरण निस्तारण में अनावश्यक देरी की है। तथा पत्रावली पर उपलब्ध सम्पूर्ण तथ्यों के अवलोकन एवं उपर्युक्त विवेचन उपरान्त यह निष्कर्ष निकलता है कि आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा द्वारा परिवादी के साथ असहयोगात्मक रवैये के कारण ही अभी तक परिवादी को देय चयनित वेतनमान तथा नियमित पेंशन एवं समस्त परिलाभों का भुगतान नहीं मिल पाया है। अत: परिवादी के मानव अधिकारों का हनन होने के कारण राज्य आयोग ने राज्य सरकार को आदेश देते हुए कहा कि उक्त आदेश की प्राप्ति दिनांक से तीन माह की अवधि के भीतर प्रकरण में विधि अनुसार आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर परिवादी को दिनांक 01 अप्रैल, 2019 को देय तृतीय एसीपी स्वीकृत की जाए तथा तदुपरान्त शीघ्रातिशीघ्घ्र परिवादी को नियमित पेंशन भुगतान हेतु विधि अनुसार अपेक्षित कार्यवाही पूर्ण कर परिवादी को नियमित पेंशन सहित सम्पूर्ण परिलाभ दिलवाए जाए।साथ ही परिवादी को समस्त पेंशन/परिलाभों के भुगतान के उपरान्त पेंशन/परिलाभों के भुगतान में हुई देरी के कारण से नियमानुसार परिवादी को नियमित पेंशन तथा समस्त परिलाभों के भुगतान में हुई देरी की अवधि के लिए 9त्न ब्याज राशि की गणना कर ब्याज भुगतान किया जावे।50 हजार जुर्माना लगाया, दोषी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहाआयोग ने कहा कि परिवादी की बिना किसी लापरवाही गलती के भी हुई परेशानी/संताप के अनुतोष हेतु इस आदेश की प्राप्ति से तीन माह की अवधि में परिवादी को राशि पचास हजार रूपये का भुगतान किया जाए। राज्य सरकार चाहे तो दोषी अधिकारी/कर्मचारीगण से उक्त राशि वसूल कर सकेगी, परन्तु उक्त राशि का भुगतान किसी विभागीय जांच कार्यवाही पर निर्भर नहीं होगा। अर्थात इस आदेश की प्राप्ति के तीन माह की अवधि में परिवादी को अनुतोष राशि भुगतान किये जाने के पश्चात यदि राज्य सरकार चाहे तो दोषी अधिकारी/कर्मचारीगण से राशि वसूल कर सकेगी। परिलाभ भुगतान देरी के सम्बन्ध में गहन जांच करवाई जाए तथा जांचोपरान्त इस हेतु उत्तरदाई अधिकारी/कर्मचारीगण की जिम्मेदारी नियत कर अथवा जांचोपरान्त दोषी पाये गये अधिकारी/कर्मचारीगण के विरूद्ध उचित विभागीय/अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मानवाधिकार आयोग ने कॉलेज शिक्षा विभाग पर लगाया 50 हजार का जुर्माना, शिक्षक को 9 प्रतिशत ब्याज के साथ दें पेंशन परिलाभ देने के आदेश, दोषी कर्मचारी के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई पासपोर्ट सेवा केंद्र, उदयपुर को पूर्ण पासपोर्ट सेवा केंद्र में उन्नत करने तथा सुविधाएं बढाने को लेकर चल रहा है परामर्श