24 न्यूज अपडेट, नागौर। तेज गर्मी ने नमक के व्यापारियों की बल्ले-बल्ले कर दी हैं इस बार उत्पादन भी बढ गया है। कुचामनसिटी के नमक उत्पादक व्यापारी अब भी भीषण गर्मी की दुआ कर रहे हैं। करीब 25 लाख मीट्रिक टन नमक का उत्पादन हो चुका है और अभी भी उत्पादन जारी है। यह प्रदेश की सबसे बड़ी नमक मंडी है व कडी धूप से अब फिर से रौनक लौटने लगी है। नमक की क्यारियों में एक बार फिर नमक की ढेरियां नजर आ रही हैं। नमक उत्पादन होने के बाद नमक रिफाइनरियां भी अब दोबारा शुरू हो सकेंगी. लंबे समय से बेरोजगार नमक श्रमिकों को भी रोजगार मिल सकेगा. हालांकि, अब भी नावा सांभर झील के तटवर्ती खारड़ों के नमक उत्पादकों को प्रशासनिक कार्रवाई का भय सता रहा है, लेकिन नमक उत्पादन शुरू होने से व्यापार को गति मिल सकेगी। बता दें कि इस साल प्रदेश में भीषण गर्मी से जहां आमजन परेशान रहा. वहीं, नमक उत्पादकों को काफी फायदा हुआ है. आंकड़ों की बात करें तो नावां सांभर झील के आसपास हर साल करीब 20 लाख मीट्रिक टन नमक का उत्पादन होता है, लेकिन इस बार भीषण गर्मी पड़ने से नमक उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है. बताया जा रहा है कि अब तक करीब 25 लाख मीट्रिक टन नमक का उत्पादन हो चुका है और अभी भी उत्पादन जारी है. हालांकि, नमक का उत्पादन ज्यादा होने से नमक के भावों में कमी जरूर आई है, लेकिन खास बात यह है कि नमक का उत्पादन अधिक होने से रोजगार भी बढ़ा है. मजदूरों की आय भी बढ़ी है. नमक उत्पादक प्रीतम चौधरी ने बताया कि भीषण गर्मी इस बार नमक व्यवसाय से जुड़े सभी वर्गों के लिए फायदेमंद साबित हुई है. श्रमिकों की रोजी-रोटी से जुड़ा है उद्योग : जिले के नावां, कुचामन व डीडवाना में हजारों परिवार नमक आधारित उद्योगों पर काम काज कर अपना पेट पाल रहे हैं. नमक उत्पादन में तेजी आने के साथ ही श्रमिकों के चेहरे भी खिल उठे हैं. नावां क्षेत्र में जहां मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों के नमक श्रमिकों अपना गुजारा चलाते हैं. वहीं, कुचामन नावां व डीडवाना में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है. Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation विकसित राजस्थान 2047साहित्यिक हितधारकों ने रखें विचार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रतिनिधियों का दौराचाइल्ड हेल्पलाइन एवं रेलवे हेल्पडेस्क का अवलोकन पोस्टर का किया विमोचन