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बांग्लादेश में जलाई साड़ियां, सूरत के कपड़ा व्यापारियों के फंसे 500 करोड़, बांग्लादेश से रेडिमेड इंपोर्ट बैन क्यों नहीं करती भारत सरकार????

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24 न्यूज अपडेट. सूरत। बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भारत में बनी साड़ियों को जलाकर वीडियो जारी किए व भारत के कपड़ा उद्योग पर निशाना साधा तो यहां गुस्सा भड़क उठा। सूरत में कपड़ा उद्योग के व्यापारियों में काफी गुस्सा है.। सूरत के व्यापारियों ने बांग्लादेश के रेडीमेड कपड़ों के आयात पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही भारत सरकार से सूरत के कपड़ा व्यापारियों के वहां पर फंसे 500 करोड़ रुपये वापस दिलाने की भी मांग की है। आपको बता दें कि सूरत का कपड़ा उद्योग दुनिया भर में फैला है। जब भी किसी देश में अस्थिरता आती है तो उसका असर सूरत के कपड़ा उद्योग पर जरूर होता है। बांग्लादेश अभी दुनिया में चीन के बाद सूरत के कपड़ा उद्योग का सबसे बड़ा कंपीटीटर है। रेडीमेड गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग हब होने से अब वहां पर नेता सूरत के कपड़ा उद्योग को निशाना बना रहे हैं। सार्वजनिक सभाओं में साड़ियाँ जला रहे हैं और मंचों से मांग कर रहे हैं कि सूरत से साड़ियाँ बांग्लादेश नहीं आनी चाहिए। सूरत की साड़ियों को इस तरह जलता देख यहां पर खासा आक्रोष है। बांग्लादेश में राजनीतिक अराजकता की मौजूदा स्थिति के कारण सूरत के कपड़ा व्यापारियों ने दुर्गा पूजा के दौरान जो व्यापार किया था उसका पैसा नहीं आया है। एक अनुमान के मुताबिक, सूरत के व्यापारियों के 500 करोड़ से ज्यादा रुपए बांग्लादेश में फंसे हुए हैं। वहां के व्यापारी सूरत के व्यापारियों का बिल नहीं चुका रहे हैं। सरकार को वहां की सरकार से इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि बांग्लादेश में फंसे व्यापारियों से तत्काल प्रभाव से पैसा जल्दी वापस दिलाया जा सके।
परिधान और मलमल की साड़ियों पर प्रतिबंध लगाएं
टेक्सटाइल संगठन के अध्यक्ष ललित शर्मा ने मीडिया से कहा कि बांग्लादेश के नेता न केवल हिंदुओं पर अत्याचार कर रहे हैं, बल्कि साड़ियां जलाकर उद्योग का बहिष्कार भी कर रहे हैं, उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए। सरकार को तुरंत प्रभाव से बांग्लादेश से आने वाले कपड़ों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। बांग्लादेशी नेता सार्वजनिक सभाओं में साड़ियाँ जलाकर हमारे उद्योग को निशाना बना रहे हैं। हम मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार तुरंत बांग्लादेश से आने वाले परिधान पर प्रतिबंध लगाए. इतना ही नहीं, चूंकि भारत में वहां निर्मित मलमल की साड़ियों का बहुत बड़ा बाजार है, इसलिए वहां से आयातित होने वाली साड़ियों पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। आमतौर पर हम बांग्लादेश पर निर्भर नहीं हैं, लेकिन कच्चा माल लेकर बांग्लादेश हम पर निर्भर है। अगर केंद्र सरकार बांग्लादेश से आने वाले परिधान पर रोक लगा दे तो हमारे देश के कपड़ा उद्योग को और गति मिल सकती है क्योंकि वहां इकाइयां अभी बंद हैं। अभी भारत में कपड़ा उद्योग में खासी तेजी चल रही है। सूरत या देश की अन्य कपड़ा निर्माता कंपनियों से ऑर्डर काफी बढ़ रहे हैं।

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