हैदराबाद में 73वें इंडियन फार्मेस्यूटिकल कांग्रेस का तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
उदयपुर 12 जुलाई : हाइटेक एग्जिबिशन सेंटर हैदराबाद में 5-7 जुलाई को 73वी इंडियन फार्मास्यूटिकल कांग्रेस आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश के करीब 12000 फार्मासिस्ट, शोधकर्ता, उद्योगपति, विद्यार्थीयों आदि ने भाग लिया। यह कॉन्फ्रेंस इंडियन फार्मास्यूटिकल संगठन ने आयोजित की। इसके अध्यक्ष राज्यसभा के सांसद डॉ बी.पार्थसारथी रेडी थे तथा सचिव आईपीए के अध्यक्ष डॉ टी वी नारायणन थे। बीएन यूनिवर्सिटी से डॉ कमल सिंह राठौड़ ने साइंटिफिक कमेटी में इवैल्यूएटर के रूप में भाग लिया तथा आठ विद्यार्थियों मनय बाबेल, हेमेंद्र सिंह, कृतिका राठौड़, साधना चौधरी, अंकिता शर्मा, रानी रॉय, हर्ष नंदिनी झाला, किरण सीरवी आदि ने इसमें भाग लिया। यूनियन मिनिस्टर कोयला खान डॉ जी किशन रेड्डी गारू, डिप्टी सीएम तेलंगाना भट्टी विक्रमका मालू गारु आदि भी इसमें उपस्थित थे। इसकी थीम “रोल ऑफ़ इंडियन फार्मा फॉर ग्लोबल वेलबीइंग” था। डॉ टी वी नारायणन ने कहा की फार्मासिस्ट केवल दवा वितरणकर्ता नहीं हैं बल्कि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदाता हैं जो रोगी शिक्षा, दवा प्रबंधन और स्वास्थ्य संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग की उपलब्धियाँ उन दूरदर्शी लोगों और अग्रदूतों के अथक प्रयासों के बिना संभव नहीं हो पातीं जिन्होंने हमारी सफलता की नींव रखी। अब इस विरासत को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।
इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (आईपीए) एक उज्जवल भविष्य के लिए जुनून, ईमानदारी और सामूहिक दृष्टि के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सब मिलकर भारतीय फार्मास्युटिकल और फार्मेसी उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। नवाचार, गुणवत्ता और पहुंच के प्रति हमारी प्रतिबद्धता यह सुनिश्चित करेगी कि हम दुनिया के लिए आशा और स्वास्थ्य का प्रतीक बने रहें।
फार्मासिस्ट विश्व स्वास्थ्य की जीवन रेखा है: डॉ टी. वी.नारायणन

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