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प्राकृतिक परिवेश से जुड़ाव होने से विद्यार्थियों में शांति,खुशी, रचनात्मक एवं एकाग्रता जैसी सकारात्मक भावनाएं विकसित होती है।- डॉ.रेणू राठौड़, भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन

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24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर : भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की संघटक इकाई भूपाल नोबल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के समस्त संकाय के विद्यार्थियों ने आधिकाधिक संख्या में इस आयोजन का भरपूर आनंद उठाया। उदयपुर से 40 किलोमीटर दूर झाडोल का सांडोल माता क्षेत्र वन विहार हेतु प्राकृतिक हरीतिमा एवं वनस्पतियों से आच्छादित, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण एवं शांत सुरम्य स्थान है। अधिष्ठाता डॉ.रेणू राठौड़ के नेतृत्व में अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय डॉ. राजेंद्र सिंह शक्तावत ,सह अधिष्ठाता विज्ञान संकाय डॉ. रितु तोमर, सह अधिष्ठाता कला संकायू डॉ.ज्योतिरादित्य सिंह भाटी, डायरेक्टर प्रबंधन संकाय डॉ. रजनी अरोड़ा सहित समस्त संकाय सदस्य एवं हर्षोल्लास से पूर्ण विद्यार्थियों ने देव दर्शन कर और अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित कर नदी- झरनों की बहती जल राशि में डुबकियां लगाते हुए अपने आप को खुशी एवं प्रसन्नता से सराबोर किया। डॉ रेणू राठौड़ के अनुसार शिक्षा के साथ-साथ  प्रकृति से जुड़ाव होना भी अत्यंत आवश्यक है। प्राकृतिक परिवेश से जुड़ाव होने से विद्यार्थियों में शांति, खुशी, रचनात्मक एवं एकाग्रता जैसी सकारात्मक भावनाएं विकसित होती है साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक स्थान अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में अधिक मददगार सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर प्रेषित अपने संदेश में विश्वविद्यालय चेयरपर्सन कर्नल प्रो.शिव सिंह सारंगदेवोत, सचिव डॉ महेंद्र सिंह राठौड़, प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड़ एवं कुल सचिव डॉ. निरंजन नारायण सिंह खोड़ ने कहा कि प्रकृति विद्यार्थियों के ध्यान, तनाव के स्तर,आत्म अनुशासन, सीखने में रुचि, शारीरिक गतिविधियों और फिटनेस में सुधार करके सीखने को बढ़ावा देती है। वर्तमान समय प्रकृति को सीखने के अनुसंधान के रूप में गंभीरता से लेने का है। इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थी दैनिक दिनचर्या से अलग प्रकृति के उपादानों से अपने आप को जोड़ कर उनके महत्व को समझने के साथ ही अपने आप को नई ऊर्जा से पूर्ण कर पाता है।

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