24 न्यूज अपडेट उदयपुरं। आज अपने हकों के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देने आए ऑटो चालकों ने जिला प्रशासन को बड़ी बात कहते हुए आईना दिखा दिया। जो जिला प्रशासन नेम प्लेट, वर्दी, रूट, सवारी और कागजात के नाम पर रोज ऑटो चालकों को परेशान कर रहा है उनके दनादन चालान बना रहा है वो ओवरलोड सिटी बसों के नाम पर चुप क्यों हैं? ओवरलोड बसों का चालान क्यों नहीं हो रहा है। उसमें बैठी हुई पांच ज्यादा सवारियां ऑटो चालकों को ही तो हक मार रही है। उन पर प्रशासन की मेहरबानी को क्या कहेंगे। आप किसी भी रूट की बस को देख लीजिए ठसाठस जा रही है। ठसाठस होकर आती है फिर भी उसमें 10 से 20 सवारियां और सवार हो जाती हैं। इन पर मेहरबानी की क्या वजह है। कोई दबाव है या मिलीभगत? ये बसें अपने तय बस स्टॉप पर भी नहीं रूकती, चाहे जहां रोक देते हैं। इन पर कार्रवाई क्यों नहीं। इसके अलावा रेंट पर या ऑनलाइन सेवाएं देने वालों के कितने चालान हो रहे हैं? वे भी अनुचित रूप से ऑटो चालकों का हक मार रहे हैं। दरअसल ऑटो चालक इन दिनो ंबार-बार चालान बनाए जाने से तंग आ चुके हैं। सभी युनियनों ने एक होकर आज नारेबाजी की, प्रदर्शन किया व कलेक्टर एसपी के सामने अपने मन की बात रखी। दोनों अधिकारियों ने भी तसल्ली से सुना और सहयोग का आश्वासन दिया व ऑटो चालकों से मांगा। सहमति बनी कि नाम व नंबर ऑटो पर लिखेंगे मगर कोर्ट को स्टे आदेश है वर्दी नहीं पहनेंगे। सभी ऑटो चालक अपने कागजों को 15 दिन में पक्के कर लेंगे। जिनके प्रोसेस में है उनके चालान नहीं बनेंगे। संघर्ष समिति एक ही बनेगी व उस मंच पर एसपी कलेक्टर को बुलाया जाएगा। ऑटो वालों ने कहा कि उदयपुर की पर्यटन व्यवस्था सुधरने में हम योगदान देते हैं व देते रहेंगे।यह कहा ज्ञापन मेंहाल ही में विधायक महोदय, उदयपुर शहर ने जिला प्रशासन को केवल ऑटो चालकों के लिये वर्दी, नेम प्लेट, आई कार्ड लगाने तथा ऑटो के अन्दर नाम पता, मोबाईल नम्बर, एवं पर्यटन पुलिस के नम्बर, पुलिस हेल्प लाईन नम्बर आदि लगाने के आदेश जिला प्रशासन को दिया गया । इस सम्बन्ध में उदयपुर ऑटो टेक्सी ड्राईवर्स एसोसिएशन का निवेदन है कि निम्न बिन्दुओं पर विचार करना आवश्यक है । वर्दी के सम्बन्ध में स्थानीय कोर्ट द्वारा दिनांक 30.7.1996 को वर्दी एवं मीटर पर स्थाई निषेधाज्ञा पारित किया गय है। मोटर व्हीकल एक्ट में नेम प्लेट लगाने का कोई प्रावधान नहीं हैं। ऑटो टेक्सी में ड्राईवर के लिये केवल अपना लाईसेन्स एवं बेज नम्बर (बेज) लगाने का प्रावधान है। एसोसिएशन द्वारा बेज चालु कराये गये मगर बाद में बन्द कर दिये गये जो तत्काल प्रभाव से चालू कर ऑटो टेक्सी ड्राईवरों को राहत प्रदान करावें। इस कार्य हेतु एसोसिएशन द्वारा पूर्ण सहयोग किया जायेगा। आवश्यक है। पर्यटन पुलिस नम्बर एवं हेल्प लाईन नम्बर ऑटो टेक्सी में लगाने, ऑटो टेक्सी में ऑटो नम्बर, ओनर परमिट आदि पीले स्टीकर में लगानो की। स्टे की पालना करने का आदेश दें जिससे ऑटो टेक्सी ड्राईवरों को परेशान नही हो। नेम प्लेट, आई कार्ड, वर्दी आदि लगाने का प्रयास नहीं करे, अन्यथा एसोसिएशन को मजबूर होकर विधि सम्मत कार्यवाही की जायेगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी सम्बन्धित अधिकारियों की होगी । Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation बनारस की युवा अध्येता निवेदिता को पहला नवल किशोर स्मृति आलोचना सम्मान भीषण गर्मी को देखते हुए एमबी अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद, लू तापाघात वार्ड बनाया, आरक्षित किए 15 बैड