उदयपुर। धर्म प्रचारक रामलीला मंडल काशी द्वारा सुंदर वास प्रजापति नगर में 17 नवंबर से 26 नवंबर तक का विशाल आयोजन हो रहा है तीसरे दिन की रामलीला सीता स्वयंवर रावण बाणासुर संवाद का आयोजन किया गया जनक जी के द्वारा स्वयंवर की रचना की जाती है जिसमें रावण बाणासुर जैसे वीर योद्धा आते हैं धनुष तोड़ने की तो बात दूर रही किसी से धनुष उठती भी नहीं इस बात पर राजा जनक बहुत दुखी होते हैं और राजाओं को कहने लगते हैं की धरती वीरों से विहीन हो गई है इस पर लक्ष्मण जी उठते हैं और कहते हैं यह धरती वीरों की है जिस दिन वीर नहीं होंगे उस दिन धरती रसातल को चली जाएगी लक्ष्मण जी अत्यंत क्रोधित होते हैं तब राम जी उठकर लक्ष्मण जी के पास जाकर उन्हें समझाते हुए कहते हैं भाई लक्ष्मण आप क्रोध न करें गुरुवर विश्वामित्र जो आदेश देंगे हम उनके साथ आए हैं वही होगा उसके पश्चात विश्वामित्र जी राम जी को आदेशित करते हैं उठो बेटा राम राजा जनक के संताप को दूर करो तब भगवान राम धनुष का तिरखंड करते हैं और श्री राम के जयकारों से पूरा पंडाल गूजने लगता है हजारों के संख्या में जन सैलाब उम्रडा है रामलीला देखने के लिए। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धर्म जागरण मंच के प्रांत संयोजक रविकांत भाई साहब प्रजापति समाज प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा नेता विष्णु प्रजापत, जब समाज सुंदरवास सचिव गोपाल प्रजापत, शंकर प्रजापत, रमेश प्रजापत और नगर के कई गणमान्य गण भामाशाह उपस्थित रहे।
प्रजापति नगर में रामलीला का मंचन, भगवान राम ने तोड़ा धनुष

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