24 न्यूज अपडेट सलुम्बर. राज्य सरकार आने वाले दिनों में जलदाय विभाग का निजीकरण कर सकती है. सरकार के इस फैसले के बाद निजी कंपनियां प्रदेश में पेयजल सप्लाई की जिम्मेदारी संभालेगी । लेकिन in चर्चाओं के बिच जलदाय विभाग के इंजीनियरों और विभाग से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने इस निजीकरण का विरोध भी शुरू कर दिया है । इसी घड़ी में सोमवार को सलूंबर जिला मुख्यालय पर जलधारी विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सोपा। संयुक्त संघर्ष समिती जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सलूंबर के बैनर तले कर्मचारियों ने अपना विरोध जताते हुए बताया कि राजस्थान बजट 2024-25 के परिवर्तन बजट में जलदाय विभाग को जलप्रदाय और सीवरेज निगम बोर्ड में स्थानांतरण किया जाना प्रस्तावित है. जलदाय कर्मचारी संघ इस काले कानून का पुरजोर विरोध करेगा ।बोर्ड निगम लागू होने से विभाग एक निकाय के रूप में दर्ज हो जायेगा।जिस पर राज्य सरकार का परोक्ष रूप से कोई नियंत्रण नहीं रहेगा और सरकार के स्वामित्व में पंजीकृत एजेंसी या कम्पनी के रूप में कार्य करेगा ।पेयजल का निजीकरण होने से कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान होगा। आगामी 10 दिन में बोर्ड बनने से सरकार ने नहीं रोका तो बड़ी संख्या में कर्मचारी इसका में विरोध करेंगे और जल भवन का घेराव किया जाएगा।
पेयजल आपूर्ति के निजीकरण की चर्चा के बीच सलुम्बर जलदाय विभाग के कर्मचारी संगठन उतरे विरोध में

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