24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। पिछले 5 दिनों से उदयपुर शहर एवं आस-पास के क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा नेट बंद कर दिया गया जिसे बुधवार को दोपहर 2 बजे बाद पुन: बहाल किया गया। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने नेट बंदी करने पर ग्राहकों को काफी नुकसान उठाने, विद्यार्थियों को पढ़ाई करने मे व्यवधान आने, पर्यटकों को घूमने से लेकर ठहरने मे परेशानियों का सामना करना पड़ा। नेट बंदी से संबधित कम्पनियों को फायदा की ओर ध्यान दिलाया। बताया गया कि ग्राहकों को आर्थिक नुकसान के साथ नेट का उपयोग नहीं करने पर भी भुगतान करना पड़ता है। नेट बंदी से खरीदारी प्रभावित होती है। पर्यटक सीजन में लोगों को बस, रेल आदि मे टिकट बुकिंग नहीं हो पाए। साथ ही बिजली, पानी के बिल जमा नहीं होने से पेनल्टी सहित बिल जमा कराने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसको लेकर ग्राहक पंचायत ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय सूना एवं प्रसारण मंत्री को ज्ञापन भेज कर भविष्य मे नेट बंदी पर रोक लगाने की माँग की। ज्ञापन में माँग की गई कि क्या जिला प्रशासन नेट बंद किये बगैर कानून व्यवस्था बनाये नहीं रख सकता था और हर समस्याओं पर नेट बंदी करना ही समाधान है क्या, नेट बंद किया जाता है तो उस अवधि नेट का समय अवधि भी बढ़ाई जाए, जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके। ज्ञापन देने मे पंचायत के प्रांत संगठन मंत्री राकेश पालीवाल, जिला अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा, महानगर अध्यक्ष करण सिंह कटारिया, महिला अध्यक्ष पूर्णिमा बोकडिय़ा, हरिशंकर तिवारी, रमेश जोशी, फतेहलाल पारिक,नरपत सिंह कुमावत, नरोतम गोड़,संगीता जेन, राजू कुंवर चौहान, राजेंद्र जेन,किशन सालवी,राज कुमार शर्मा,ममता पंड्या, कोमल पालीवाल आदि उपस्थित थे।
नेटबंदी उपभोक्ता हितों का हनन, पांच दिन के नेट लॉस और आर्थिक नुकसान की भरपाई करे प्रशासन

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